{"_id":"64d383e6a78ae2e4ce0d6d76","slug":"imf-s-agreement-with-pakistan-under-risk-if-caretaker-setup-is-prolonged-report-2023-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: केयरटेकर सरकार का कार्यकाल बढ़ा तो आईएमएफ के साथ समझौता पड़ेगा खतरे में, रिपोर्ट में खुलासा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Pakistan: केयरटेकर सरकार का कार्यकाल बढ़ा तो आईएमएफ के साथ समझौता पड़ेगा खतरे में, रिपोर्ट में खुलासा
Wed, 09 Aug 2023 05:47 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Wed, 09 Aug 2023 05:47 PM IST
सार
Pakistan: परिसीमन की कवायद में चार महीने का समय लगता है जबकि चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दो महीने और चाहिए। अखबार की खबर के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कार्यवाहक सरकार का कार्यकाल कम से कम छह महीने तक बढ़ाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
पाकिस्तान संकट
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान में आम चुनाव कराने में संभावित देरी के कारण कार्यवाहक सरकार का कार्यकाल लंबा खिंचने पर पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) का तीन अरब डॉलर का राहत पैकेज खतरे में पड़ सकता है। आईएमएफ ने जून में पाकिस्तान के साथ 2250 करोड़ एसडीआर (करीब तीन अरब डॉलर) की राशि के लिए नौ महीने की स्टैंड-बाय व्यवस्था (एसबीए) पर स्टाफ स्तर का समझौता किया था।
विज्ञापन
'द न्यूज' की खबर के अनुसार काउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट (सीसीआई) की ओर से पहली बार डिजिटल जनगणना को मंजूरी दिए जाने के बाद परिसीमन की कवायद शुरू होने जा रही है, ऐसे में पाकिस्तान में चुनाव में तीन महीने से अधिक की देरी होने की संभावना है।
विज्ञापन
परिसीमन की कवायद में चार महीने का समय लगता है जबकि चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दो महीने और चाहिए। अखबार की खबर के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कार्यवाहक सरकार का कार्यकाल कम से कम छह महीने तक बढ़ाना पड़ सकता है। इस बीच, ऊर्जा पर कैबिनेट समिति (सीसीओई) ने संशोधित परिपत्र ऋण प्रबंधन योजना (सीडीएमपी) को मंजूरी दे दी है, जिसे संघीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के साथ साझा किया जाएगा।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी यह देखा जाना बाकी है कि आईएमएफ परिकल्पित लक्ष्यों पर संशोधित सीडीएमपी का जवाब कैसे देगा। इसमें कहा गया है कि जब तीन अरब डॉलर का स्टैंडबाय अरेंजमेंट (एसबीए) कार्यक्रम तैयार किया गया था तो यह परिकल्पना की गई थी कि इसे तीन अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल के दौरान पूरा किया जाएगा। 1.2 अरब डॉलर की पहली किस्त निवर्तमान पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान जारी की गई थी। खबर में कहा गया है कि ऐसा माना जा रहा है कि पहली समीक्षा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के पहली तिमाही (जुलाई-सितंबर) के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी और कोष की ओर से अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में इस्लामाबाद में अपने समीक्षा मिशन को भेजने की संभावना है।