इंडिया पोस्ट की ऐतिहासिक उपलब्धि: लगातार दो तिमाहियों में ₹4000 करोड़ का राजस्व पार; जानिए मंत्री क्या बोले
- डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने इतिहास में पहली बार लगातार दो तिमाहियों में ₹4,000 करोड़ से अधिक का राजस्व दर्ज किया है।
- 30 सितंबर को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इंडिया पोस्ट का कुल राजस्व सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 4,202 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
विस्तार
भारतीय डाक विभाग ने इंडिया पोस्ट के ब्रांड नेम से एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार विभाग ने अब तक के इतिहास में पहली बार लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये के राजस्व के आंकड़े को पार किया है। 30 सितंबर को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इंडिया पोस्ट का कुल राजस्व सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 4,202 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह आंकड़ा एक साल पहले समान तिमाही में 3,355 करोड़ रुपये था।
तिमाही ही (QoQ) आधार पर भी राजस्व में लगभग पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्री के अनुसार, यह उपलब्धि डाक विभाग के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और लागत दक्षता में आए व्यापक सुधार को दर्शाती है।
इंडिया पोस्ट की दूसरी तिमाही के नतीजे कैसे रहे?
डाक विभाग के हालिया वित्तीय आंकड़े यह दर्शाते हैं कि पारंपरिक डाक सेवाओं से इतर कमर्शियल और लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में विभाग का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4,202 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल होना इंडिया पोस्ट के इतिहास की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है।
यह पहला मौका है जब विभाग ने लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई का रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जहां विभाग ने 3,355 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया था, वहीं इस साल इसमें 25 प्रतिशत की ठोस सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, पिछली तिमाही की तुलना में भी राजस्व में लगभग 5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
डाक विभाग की कमाई में किन सेवाओं की बड़ी भूमिका रही?
इंडिया पोस्ट की इस रिकॉर्ड राजस्व वृद्धि के पीछे उसके पार्सल, बीमा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार खंडों का शानदार प्रदर्शन रहा है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- पार्सल सेगमेंट: पार्सल व्यवसाय में सबसे तेज उछाल देखा गया, जिसमें सालाना आधार पर 71 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई।
- डाक जीवन बीमा: पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) और रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (रूरल पीएलआई) में सितंबर 2025 तिमाही की तुलना में 44 प्रतिशत की मजबूत बढ़त हासिल हुई।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार: डाक विभाग के अंतरराष्ट्रीय व्यापार खंड में भी सालाना आधार पर 38 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
कुल राजस्व और लागत दक्षता में कितना सुधार दर्ज हुआ?
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (एच1) के दौरान डाक विभाग का कुल प्रदर्शन काफी उत्साहजनक रहा है। मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, बीते वर्ष की पहली छमाही में जहां कुल राजस्व लगभग 6,500 करोड़ रुपये रहा था, वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह लगभग 24 प्रतिशत बढ़कर 8,213 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ डाक विभाग की परिचालन लागत दक्षता में भी बड़ा सुधार देखा गया है। पेंशन खर्चों को अलग रखते हुए विभाग का व्यय कवरेज अनुपात (ईसीआर) चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सुधरकर 62 प्रतिशत पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह अनुपात 54 प्रतिशत था। इस प्रकार विभाग ने अपने एक्सपेंडिचर कवरेज रेशियो में लगभग 8 प्रतिशत का सीधा सुधार हासिल किया है।
किन क्षेत्रीय सर्किलों का योगदान सबसे आगे रहा?
देश भर में फैले डाक सर्किलों में से कुछ क्षेत्रों ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस रिकॉर्ड राजस्व में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर पूर्व सर्किलों ने सभी मापदंडों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और तय प्राथमिकताओं तथा अपेक्षाओं से बढ़कर परिणाम दिए हैं।
इंडिया पोस्ट के आंकड़े भविष्य के लिए क्या संकेत दे रहे?
डाक विभाग का 4,202 करोड़ रुपये का यह रिकॉर्ड तिमाही राजस्व और 8,213 करोड़ रुपये का छमाही आंकड़ा यह स्पष्ट संकेत देता है कि इंडिया पोस्ट केवल पारंपरिक पत्राचार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स पार्सल डिलीवरी, वित्तीय समावेशन और बीमा क्षेत्र में एक प्रमुख वाणिज्यिक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। लागत दक्षता में 8 प्रतिशत का सुधार और पार्सल कारोबार में 71 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि आने वाले समय में वित्तीय स्वावलंबन और मजबूत सेवा नेटवर्क के दम पर डाक विभाग देश के दूर-दराज के इलाकों तक वाणिज्यिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।