Jio IPO Day 2 Live: देश के सबसे बड़े पब्लिक ऑफर को दूसरे दिन कितना सब्सक्रिप्शन? जानिए जीएमपी का हाल
- जिओ प्लेटफॉर्म्स के ₹30,213 करोड़ के आईपीओ का आज दूसरा दिन है।
- इस आईपीओ ने पहले ही दिन इतिहास रच दिया।
- 100 मिनट में फुल सब्सक्राइब होने वाला यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है।
- ग्रे मार्केट में भी इसकी कीमतों में बड़ा उछाल है।
विस्तार
भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में इतिहास रचते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जिओ प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ के आईपीओ के लिए दूसरे दिन भी निवेशकों का उत्साह जारी है। बुधवार को बोली खुलने के महज 100 मिनट के भीतर यह मेगा इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, जो भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में इतनी बड़ी राशि के आईपीओ के लिए एक नया रिकॉर्ड है। हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है।
दूसरे दिन सुबह सवा ग्यारह बजे तक किस कैटेगरी में कितना सब्सक्रिप्शन?
देश का सबसे बड़ा आईपीओ दूसरे दिन सुबह 11 बजकर 15 मिनट तक ओवरऑल 3.51 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। कंपनी की ओर से कुल 19.75 करोड़ शेयर ऑफर किए गए थे, जिसके मुकाबले बाजार से 69.33 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं। कैटेगरी के लिहाज से क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने सबसे ज्यादा दांव लगाया है और इनका कोटा 9.42 गुना भर चुका है। इसके अलावा, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के कोटे में भी अच्छी खरीदारी दिखी और यह 2.47 गुना सब्सक्राइब हुआ। शेयरधारकों का रिजर्व हिस्सा 2.13 गुना और कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा 1.63 गुना भर गया है। रिटेल निवेशकों (RIIs) के कोटे ने भी अब रफ्तार पकड़ ली है और यह हिस्सा पूरी तरह भरते हुए 1.02 गुना सब्सक्राइब हो गया है।| क्र.सं. | कैटेगरी | ऑफर किए गए शेयर | कितने शेयरों की बोली लगी | कितने गुना सब्सक्रिप्शन |
| 1 | क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) | 4,90,07,827 | 46,15,63,452 | 9.42 |
| 2 | नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) | 3,64,44,569 | 8,98,51,608 | 2.47 |
| 3 | रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) | 8,50,37,327 | 8,66,98,188 | 1.02 |
| 4 | कर्मचारियों के लिए रिजर्व | 46,94,835 | 76,47,708 | 1.63 |
| 5 | शेयरधारकों के लिए रिजर्व | 2,23,41,376 | 4,75,88,868 | 2.13 |
| - | कुल (Total) | 19,75,25,934 | 69,33,49,824 | 3.51 |
पहले दिन के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों का ब्योरा क्या?
- योग्य संस्थागत खरीदार (QIB): इस श्रेणी में सबसे ज्यादा 9.02 गुना बोलियां हासिल हुईं।
- गैर-संस्थागत निवेशक (NII): इस हिस्से को 1.59 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- खुदरा निवेशक (RII): खुदरा निवेशकों का कोटा पहले दिन 68 प्रतिशत (0.68 गुना) भरा।
- कर्मचारी व शेयरधारक कोटा: कर्मचारियों का कोटा 1.30 गुना और शेयरधारकों का हिस्सा 1.38 गुना सब्सक्राइब हुआ।
एंकर निवेशकों के हिस्से में कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एलआईसी, ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे प्रमुख घरेलू व वैश्विक संस्थानों से ₹8,110 करोड़ जुटाए हैं, जबकि एंकर बुक के लिए करीब ₹2.5 लाख करोड़ की मांग आई थी।
दूसरे दिन ग्रे मार्केट प्रीमियम कितना है और लिस्टिंग के क्या संकेत मिल रहे हैं?
अनौपचारिक ग्रे मार्केट में जिओ प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर जबर्दस्त उत्साह बना हुआ है। 22 अक्टूबर की सुबह तक जिओ प्लेटफॉर्म्स का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹246 प्रति शेयर दर्ज किया गया, जो ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 22 प्रतिशत के प्रीमियम का संकेत देता है।
इस प्रीमियम के आधार पर शेयर की संभावित लिस्टिंग ₹1,365 प्रति शेयर पर होने का अनुमान जताया जा रहा है। हालांकि इससे पहले जीएमपी ₹275 के स्तर तक भी पहुंचा था, जो 25 प्रतिशत तक के लिस्टिंग गैन का संकेत दे रहा था।
इश्यू का आकार, प्राइस बैंड और सब्सक्रिप्शन की स्थिति क्या है?
कंपनी ने अपने इस सार्वजनिक निर्गम के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर जिओ प्लेटफॉर्म्स का कुल बाजार मूल्यांकन लगभग ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है। 21 से 23 अक्तूबर तक खुले इस आईपीओ में संस्थागत और गैर-संस्थागत दोनों श्रेणियों में जोरदार मांग देखी गई।
ब्रोकरेज हाउस की क्या राय है? उनकी नजर में क्या मजबूत?
देश के प्रमुख ब्रोकरेज घरानों ने जिओ प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है:
- मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट: ब्रोकरेज ने लिस्टिंग गैन और लंबी अवधि के निवेश दोनों के लिए 'सब्सक्राइब' की सिफारिश की है। फर्म ने जिओ के 53.33 करोड़ के विशाल ग्राहक आधार, इन-हाउस 5G तकनीक और 7,220 से अधिक पेटेंट आवेदनों को इसकी मुख्य ताकत बताया है।
- स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट: भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, होम ब्रॉडबैंड के विस्तार और औसतन राजस्व प्रति ग्राहक (ARPU) में सुधार के दम पर ब्रोकरेज ने दांव लगाने की सलाह दी है।
- सेंट्रम ब्रोकिंग: ब्रोकरेज ने EBITDA के 12 गुना मल्टीपल पर कंपनी की इक्विटी वैल्यूएशन ₹11.5 ट्रिलियन (लाख करोड़) रहने का अनुमान लगाया है।
पिछले तीन वर्षों में कैसा रहा जिओ का वित्तीय प्रदर्शन?
वित्तीय मोर्चे पर जिओ प्लेटफॉर्म्स ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है:
- राजस्व : कंपनी का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2024 के ₹1,09,558 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹1,46,885 करोड़ पर पहुंच गया।
- इबिटडा और मार्जिन (EBITDA): इबिटडा ₹54,341 करोड़ से बढ़कर ₹73,382 करोड़ हो गया, और इबिटडा मार्जिन बढ़कर 50% पर पहुंच गया।
- शुद्ध लाभ (PAT): शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 के ₹21,422 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹30,064 करोड़ दर्ज किया गया।
- एआरपीयू (ARPU): प्रति ग्राहक औसत राजस्व FY24 के ₹181.7 से सुधरकर जून 2026 तिमाही में ₹215.6 हो गया है।
कंपनी केवल टेलीकॉम कनेक्टिविटी तक सीमित न रहकर क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस जैसे डिजिटल वर्टिकल्स में विस्तार कर रही है।
जिओ प्लेटफॉर्म्स का ₹30,213 करोड़ का आईपीओ अपनी रिकॉर्ड साइज, रिकॉर्ड टाइम सब्सक्रिप्शन और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के साथ भारतीय शेयर बाजार में नए रिकॉर्ड बना रहा है। 53.33 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का मजबूत आधार, इन-हाउस 5G/6G और एआई तकनीक, और 50% का इबिटडा मार्जिन कंपनी को दीर्घकालिक डिजिटल क्रांति में सबसे आगे खड़ा करता है।