India Post: पहली तिमाही में राजस्व पहली बार ₹4,000 करोड़ के पार, चिट्ठी से लेकर पार्सल तक ने भरी बड़ी रफ्तार
इंडिया पोस्ट ने पहली तिमाही में ₹4,008 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व दर्ज कर इतिहास रच दिया है। जानें पार्सल, डाक और नागरिक सेवाओं में दर्ज हुई इस बड़ी तेजी की पूरी कहानी।
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भारतीय डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को घोषित किया कि डाक विभाग ने चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही (Q1) में पहली बार 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व दर्ज किया है।
इंडिया पोस्ट के आंकड़ों में यह रिकॉर्ड वृद्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आमतौर पर डाक विभाग को सबसे अधिक राजस्व वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में प्राप्त होता है। लेकिन पहली ही तिमाही में दर्ज हुई इस असाधारण प्रगति ने सरकारी डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण और बाजार में इसकी मजबूत होती पकड़ के बारे में बताता है।
राजस्व के मोर्चे पर इंडिया पोस्ट ने क्या नया इतिहास रचा है?
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में इंडिया पोस्ट का कुल कारोबार सालाना आधार पर 22.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह राजस्व 3,280 करोड़ रुपये था, जो इस वर्ष की जून तिमाही में बढ़कर 4,008 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। डाक विभाग के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी वित्त वर्ष की पहली तिमाही का कारोबार 4,000 करोड़ रुपये के पार गया है। यदि पिछले पूरे वित्त वर्ष की बात करें, तो इंडिया पोस्ट ने कुल 15,500 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया था, जो उससे पिछले वित्त वर्ष में दर्ज किए गए 13,218 करोड़ रुपये से काफी अधिक है।
किन प्रमुख सेवाओं ने दर्ज की सबसे तेज विकास दर?
इंडिया पोस्ट मुख्य रूप से छह कार्यक्षेत्रों (वर्टिकल्स)- डाक (मेल), पार्सल, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी), डाक जीवन बीमा (पीएनआई) और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से राजस्व अर्जित करता है। पहली तिमाही के दौरान इन सभी क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला:
- नागरिक-केंद्रित सेवाएं: आधार कार्ड, केवाईसी (केवाईसी) और पासपोर्ट सेवा केंद्र जैसी नागरिक सेवाओं में सर्वाधिक 86 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई। इसका राजस्व पिछले वर्ष की जून तिमाही के 109 करोड़ रुपये से बढ़कर इस साल 203 करोड़ रुपये हो गया।
- पार्सल सेगमेंट: ई-कॉमर्स गतिविधियों में तेजी के चलते पार्सल व्यवसाय में50 प्रतिशत का उछाल आया। पिछले साल की पहली तिमाही में यह 197 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 296 करोड़ रुपये हो गया।
- डाक सेवा: इस सेगमेंट ने 42 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। यह व्यवसाय पिछले साल के 552 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 783 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
- अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं वैश्विक व्यापार: पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थितियों के बावजूद इस सेगमेंट ने 35 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की और इसका राजस्व 136 करोड़ रुपये से बढ़कर 184 करोड़ रुपये हो गया।
राज्यों के स्तर पर किन सर्किलों का प्रदर्शन सबसे बेहतरीन रहा?
देश भर के विभिन्न डाक सर्किलों ने इस विकास में बढ़-चढ़कर योगदान दिया है। राज्यवार प्रदर्शन की प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:
- मेल वर्टिकल के तहत आंध्र प्रदेश सर्किल ने अपने निर्धारित लक्ष्य से 106 प्रतिशत अधिक की वृद्धि हासिल की और वह शीर्ष पर रहा।
- अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं वैश्विक व्यापारके मामले में केरल और राजस्थान सर्किलों ने पूरे देश का नेतृत्व किया।
- नागरिक-केंद्रित सेवाओं में पश्चिम बंगाल (107% विकास दर) और उत्तर प्रदेश (106% विकास दर) ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया।
- डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) वर्टिकल में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और झारखंड सर्किलों में सबसे मजबूत विकास दर्ज किया गया।
- डाक जीवन बीमा (पीएलआई)/ग्रामीण डाक जीवन बीमा में नया व्यवसाय सृजित करने के मामले में पश्चिम बंगाल तथा जम्मू-कश्मीर शीर्ष पर रहे।
इंडिया पोस्ट का पहली तिमाही का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन साबित करता है कि पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ-साथ डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं (जैसे आधार और पासपोर्ट) के विस्तार ने विभाग को एक आधुनिक और प्रतिस्पर्धी संगठन में तब्दील कर दिया है। पार्सल और मेल व्यवसाय में आई यह बड़ी तेजी देश के रिटेल और लॉजिस्टिक्स बाजार में सरकारी डाक सेवाओं की बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाती है।