सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India's Manufacturing Sector boomed in May; growth rate reached a three-month high

PMI: भारत में मई में बढ़ा कारोबार; तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा ग्रोथ रेट, उत्पादन और ऑर्डर दोनों बढ़े

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 01 Jun 2026 11:37 AM IST
विज्ञापन
सार

मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और नए ऑर्डरों के दम पर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियां मई में तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.0 हो गया, जो अप्रैल में 54.7 था।

India's Manufacturing Sector boomed in May; growth rate reached a three-month high
पीएमआई - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

भारत के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में मई के दौरान गतिविधियों की रफ्तार तेज हुई और यह तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। मजबूत घरेलू मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में तेजी और नए कारोबार के बढ़ने से उत्पादन गतिविधियों को मजबूती मिली। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण बढ़ती महंगाई और लागत दबाव उद्योग के लिए चुनौती बने हुए हैं।

कितना बढ़ा पीएमआई?

सोमवार को जारी एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार, मई में सूचकांक बढ़कर 55.0 पर पहुंच गया, जो अप्रैल में 54.7 था। यह पिछले तीन महीनों में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की सबसे मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पीएमआई 50 के स्तर से ऊपर होने पर क्षेत्र में विस्तार और 50 से नीचे रहने पर संकुचन का संकेत देता है। यह सूचकांक नए ऑर्डर, उत्पादन, रोजगार, आपूर्ति समय और खरीद स्टॉक जैसे प्रमुख संकेतकों के आधार पर तैयार किया जाता है।

विज्ञापन
Trending Videos

किन कारणों से हुई वृद्धि?

  • सर्वेक्षण के अनुसार, मई में नए ऑर्डर और उत्पादन दोनों में फरवरी के बाद सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।
  • कंपनियों ने इसके पीछे मजबूत मांग, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से मिलने वाले ऑर्डर और नए कारोबार को प्रमुख कारण बताया।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि मई के आंकड़े संकेत देते हैं कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कंपनियां एहतियात के तौर पर अतिरिक्त स्टॉक जमा कर रही हैं। उत्पादन वृद्धि तेज हुई है, वहीं खरीद गतिविधियों और तैयार माल के भंडार में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सर्वेक्षण में क्या आया सामने?

सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि को मुख्य रूप से घरेलू बाजार से समर्थन मिला, जबकि निर्यात ऑर्डरों में वृद्धि हुई, लेकिन उसकी रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। दूसरी ओर, ऊर्जा, ईंधन, कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने से कंपनियों पर लागत का दबाव बना रहा। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर लागत पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। हालांकि, इनपुट लागत मुद्रास्फीति में अप्रैल की तुलना में थोड़ी नरमी आई, जबकि तैयार उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की रफ्तार और अधिक धीमी हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है।

लागत बढ़ने के बावजूद कंपनियों ने खरीद बढ़ाई 

लागत बढ़ने के बावजूद कंपनियों ने मई में कच्चे माल की खरीद बढ़ाई। खरीद गतिविधियों की वृद्धि दर पिछले तीन महीनों में सबसे तेज रही और यह दीर्घकालिक औसत से भी ऊपर रही। कंपनियां संभावित जोखिमों को देखते हुए अतिरिक्त स्टॉक तैयार करने में जुटी रहीं।

रोजगार सृजन को लेकर क्या आया सामने?

बढ़ते उत्पादन की जरूरतों के कारण विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन भी जारी रहा। हालांकि, अप्रैल की तुलना में नई भर्तियों की रफ्तार कुछ धीमी रही, लेकिन कुल मिलाकर रोजगार में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

कारोबारी भरोसा भी सकारात्मक बना हुआ है। कंपनियों को उम्मीद है कि वर्ष के आगे के महीनों में लागत संबंधी दबाव कम होंगे। मजबूत ऑर्डर बुक और विज्ञापन गतिविधियों में वृद्धि ने भी भविष्य की विकास संभावनाओं को लेकर आशावाद को बल दिया है।

एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई सर्वेक्षण को एसएंडपी ग्लोबल द्वारा देशभर के करीब 400 विनिर्माण प्रबंधकों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर तैयार किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed