Report: US के अरबों डॉलर के स्टार्टअप्स में भारतीयों का दबदबा, 96 यूनिकॉर्न कंपनियों के संस्थापक भारत से
NFAP की नई रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की 96 यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना भारतीय मूल के उद्यमियों ने की है, जो किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की 59% यूनिकॉर्न कंपनियों के पीछे प्रवासी संस्थापक हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
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अमेरिका में अरबों डॉलर मूल्य वाली स्टार्टअप कंपनियों (यूनिकॉर्न) के संस्थापकों में भारतीय मूल के उद्यमी सबसे बड़ी प्रवासी समूह के रूप में उभरे हैं। यह जानकारी नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) की एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।
कितने यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना भारतीय मूल के उद्यमियों ने की?
अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन NFAP ने पाया कि अमेरिका की 96 यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना भारतीय मूल के उद्यमियों ने की है। इनमें एआई कंपनी पर्प्लेक्सिटी एआई भी शामिल है, जिसके सह-संस्थापक अरविंद श्रीनिवास हैं। 20 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ यह कंपनी सूची में 12वें स्थान पर है।
अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों में प्रवासी संस्थापक के आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों के प्रवासी संस्थापकों के मूल देशों की सूची में भारत 96 कंपनियों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद इस्राइल (60), यूनाइटेड किंगडम (47), चीन (41), कनाडा (30), रूस (23), फ्रांस (21), जर्मनी (18), यूक्रेन (16), ऑस्ट्रेलिया (14), पाकिस्तान (10) और रोमानिया (10) का स्थान है।
स्टुअर्ट एंडरसन द्वारा लिखित NFAP की रिपोर्ट अप्रवासी और अमेरिकी अरबों डॉलर की कंपनियां में कहा गया है कि अमेरिका की 775 निजी यूनिकॉर्न कंपनियों में से 455 यानी 59 प्रतिशत कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना प्रवासियों ने की है।
रिसर्च में क्या-क्या पाया गया?
रिसर्च में पाया गया कि प्रवासी संस्थापकों वाली अमेरिकी अरब डॉलर मूल्य की निजी स्टार्टअप कंपनियों ने औसतन 833 नौकरियां प्रति कंपनी सृजित की हैं। वहीं, लगभग दो-तिहाई (66 प्रतिशत) यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना प्रवासियों या उनके बच्चों ने की है। इसके अलावा, करीब 80 प्रतिशत अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों में या तो कोई प्रवासी संस्थापक है या फिर किसी महत्वपूर्ण नेतृत्व पद, जैसे सीईओ या इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष, पर प्रवासी कार्यरत हैं।
एलन मस्क के साथ किनका नाम आया सामने?
अध्ययन के मुताबिक, कम से कम 15 प्रवासी उद्यमियों ने दो या उससे अधिक यूनिकॉर्न कंपनियों की स्थापना की है। इनमें एलन मस्क भी शामिल हैं। भारतीय मूल के छह उद्यमी मोहित अरोन, ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग, अरविंद जैन, सचिन नय्यर और अजीत सिंह भी इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
लेबनान में जन्मे उद्यमी नूबार अफेयान ने पांच ऐसी कंपनियों की स्थापना की है जिनका मूल्यांकन एक अरब डॉलर या उससे अधिक रहा है। इनमें मॉडर्ना, इंडिगो एजी, जनरेट बायोमेडिसिन्स, टेसेरा थेराप्यूटिक्स और लीला साइंसेज शामिल हैं।
दक्षिण अफ्रीका में जन्मे एलन मस्क ने चार अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाली कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना की है। इनमें स्पेसएक्स, ओपनएआई, द बोरिंग कंपनी और न्यूरालिंक शामिल हैं। वह टेस्ला के सीईओ भी हैं।
कंपनियों का कुल मूल्यांकन कितना है?
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अमेरिका की 183 अरब डॉलर मूल्य वाली कंपनियों की स्थापना ऐसे उद्यमियों ने की जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के रूप में अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की थी। NFAP के अनुसार, प्रवासी संस्थापकों द्वारा स्थापित 455 यूनिकॉर्न कंपनियों का कुल संयुक्त मूल्यांकन लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर है।
कम से कम एक प्रवासी संस्थापक वाली अमेरिका की सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न कंपनियों में स्पेसएक्स (1.5 ट्रिलियन डॉलर), एंथ्रोपिक (965 अरब डॉलर), ओपनएआई (852 अरब डॉलर), डेटाब्रिक्स (134 अरब डॉलर), स्ट्राइप (106.7 अरब डॉलर), रैम्प फाइनेंशियल (32 अरब डॉलर), सेफ सुपरइंटेलिजेंस (32 अरब डॉलर), एनीस्फेयर (29.3 अरब डॉलर), सेरेब्रास सिस्टम्स (23 अरब डॉलर), एपिक गेम्स (22.5 अरब डॉलर), चोबानी (20 अरब डॉलर), पर्प्लेक्सिटी (20 अरब डॉलर) और मिरो (17.5 अरब डॉलर) शामिल हैं।