US Federal Reserve: फेड का बड़ा फैसला; ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, जानें क्या बताए गए कारण
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने जनवरी की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में अपरिवर्तित रखा है। फेड ने कहा कि महंगाई अभी कुछ हद तक ऊंची बनी हुई है, जबकि रोजगार वृद्धि धीमी है, लेकिन श्रम बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
विस्तार
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को फिलहाल अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। 27-28 जनवरी को हुई बैठक के बाद फेड ने प्रमुख नीति दरों को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखा।
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 28 जनवरी को जारी बयान में कहा कि आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए समिति ने फेडरल फंड्स रेट की लक्ष्य सीमा को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा।
10-2 से हुआ फैसला, दो सदस्यों ने जताई असहमति
कमेटी के 12 सदस्यों में से 10 ने ब्याज दरें स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया, जबकि गवर्नर वॉलर और मिरान ने 25 आधार अंकों की कटौती के पक्ष में मत देकर असहमति जताई। इसे मौद्रिक नीति में नरमी का संकेत माना जा रहा है।
पॉवेल का बयान- अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2026 में मजबूत आधार के साथ प्रवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक के बाद आर्थिक परिदृश्य में स्पष्ट सुधार हुआ है और श्रम बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
पॉवेल ने यह भी कहा कि मौद्रिक नीति मौजूदा स्तर पर उचित स्थिति में है और फेड आगे भी आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीति निर्धारण हर बैठक के आधार पर बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए किया जाएगा।
महंगाई अभी भी चिंता का विषय
फेड के बयान में कहा गया है कि महंगाई दर अभी भी कुछ हद तक ऊंची बनी हुई है, जबकि रोजगार सृजन की गति धीमी रही है। हालांकि बेरोजगारी दर में स्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
फेड ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ब्याज दरों में किसी भी तरह के बदलाव का फैसला आने वाले आर्थिक आंकड़ों, जोखिमों के संतुलन और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर किया जाएगा। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने दोहराया कि वह अधिकतम रोजगार और मूल्य स्थिरता के अपने दोहरे लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है, जिसमें दीर्घकालिक महंगाई लक्ष्य दो प्रतिशत है।
दिसंबर में हुई थी दरों में कटौती
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 की बैठक में फेड ने ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की थी, जिसके बाद दरें मौजूदा स्तर पर आ गई थीं। अब निवेशकों और वैश्विक बाजारों की नजरें फेड की अगली बैठक पर टिकी हैं, जो 17-18 मार्च को होने वाली है।