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NSE IX का नया प्लेटफॉर्म: भारतीय निवेशक 30 विदेशी बाजारों में कर सकेंगे ट्रेडिंग, जानिए कैसे मिलेगी सुविधा

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 25 Feb 2026 08:44 PM IST
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सार

गिफ्ट सिटी स्थित NSE IX ने भारतीय निवेशकों के लिए नया ग्लोबल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। बिना डीमैट खाते के 30 विश्व बाजारों में फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग के नियम जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

NSE IX global platform trade in US markets GIFT City Gujarat fractional investing India
एनएसई की रिपोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार

भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए वैश्विक बाजारों में निवेश करना अब और भी आसान होने जा रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) के एमडी और सीईओ वी. बालासुब्रमण्यम ने घोषणा की है कि एक नए ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय निवेशक जल्द ही 30 विश्व बाजारों में ट्रेडिंग कर सकेंगे। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म 'सॉफ्ट-लॉन्च' चरण में है और इसकी शुरुआत अमेरिकी बाजार से की गई है। 2026 के अंत तक इस प्लेटफॉर्म पर अन्य वैश्विक बाजारों को भी रोल आउट किए जाने की उम्मीद है।

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कैसे काम करेगा नया प्लेटफॉर्म?
इस नई सुविधा के तहत निवेशकों को डिजिटल केवाईसी पूरी करने में एक मिनट से भी कम समय लगेगा, जिसके लिए केवल पैन आधारित प्रमाणीकरण की आवश्यकता होगी। सबसे खास बात यह है कि इस ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग के लिए भारतीय व्यापारियों को किसी डीमैट खाते की जरूरत नहीं होगी। ब्राउजर और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध इस प्लेटफॉर्म के जरिए फंड को सीधे गिफ्ट सिटी स्थित एक निर्दिष्ट खाते में भेजा जा सकेगा, जहां NSE IX ने बैकअप अकाउंट स्ट्रक्चर बनाए रखने वाले एक विदेशी ब्रोकर के साथ करार किया है।
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प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग को भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार ही संचालित किया जाएगा। 

  • निवेश की सीमा: लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत निवेशक सालाना 2,50,000 डॉलर तक की सीमा में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।
  • अमेरिकी बाजार पर फोकस: चूंकि भारत का 95 प्रतिशत से अधिक आउटबाउंड निवेश अमेरिकी बाजारों में होता है, इसलिए शुरुआती फोकस एपल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसी दिग्गज ग्लोबल कंपनियों पर है। 
  • फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग: यह प्लेटफॉर्म मूल्य-आधारित या आंशिक निवेश का समर्थन करता है, जिससे निवेशक महंगे शेयरों का एक छोटा हिस्सा महज पांच डॉलर के एक्सपोजर के साथ भी खरीद सकते हैं।

नियामक नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने के लिए डेरिवेटिव्स, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल एसेट्स में ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होगी।

टैक्स हॉलिडे से मिलेगा बूस्ट
हालिया केंद्रीय बजट में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) इकाइयों के लिए 'टैक्स हॉलिडे' को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया है। बालासुब्रमण्यम के अनुसार, यद्यपि दुबई जैसे प्रतिस्पर्धी केंद्र 50 साल की छूट दे रहे हैं, फिर भी यह 20 साल का विस्तार व्यवसायों के लिए स्पष्टता और एक मजबूत रोडमैप प्रदान करता है, जिससे और अधिक विदेशी खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है। 

गुजरात की गिफ्टी सिटी से पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में संचालित NSE IX वर्तमान में हर महीने लगभग 100 अरब डॉलर का ट्रेड संभालता है। निफ्टी इंडेक्स फ्यूचर्स ट्रेडिंग साइज में 65-70% की मजबूत हिस्सेदारी रखने वाले इस एक्सचेंज का यह नया कदम निश्चित रूप से भारतीय निवेशकों को डॉलर-मूल्यवर्ग वाली वैश्विक संपत्तियों से जुड़ने का एक सुरक्षित, पारदर्शी और त्वरित मार्ग प्रदान करेगा।

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