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Supreme Court: तिरुपति लड्डू विवाद पर सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका खारिज, CJI की पीठ ने कहा- पर्याप्त आधार नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 23 Feb 2026 12:12 PM IST
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सार

सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू घी मिलावट मामले में आंध्र प्रदेश सरकार की एक सदस्यीय जांच समिति के खिलाफ सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक जांच और आपराधिक कार्यवाही अलग हैं और दोनों में कोई टकराव नहीं है।

Petition on Tirupati Laddoo controversy dismissed, CJI bench says no sufficient grounds
तिरुपति लड्डू विवाद - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

तिरुपति के तिरुमला मंदिर में प्रसादम लड्डू बनाने में इस्तेमाल घी में कथित मिलावट मामले से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी है। स्वामी ने आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा एसआईटी रिपोर्ट की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने के फैसले को चुनौती दी थी।

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पर्याप्त आधार के अभाव में खारिज हुई याचिका

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने याचिका को पर्याप्त आधार के अभाव में खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से गठित एक सदस्यीय समिति की प्रशासनिक जांच आपराधिक कार्यवाही से ओवरलैप नहीं करेगी, क्योंकि दोनों की जांच का दायरा स्पष्ट रूप से अलग-अलग निर्धारित है।

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सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रशासनिक जांच और चार्जशीट से संबंधित आपराधिक प्रक्रिया में किसी तरह का टकराव या हितों का टकराव नहीं है। ऐसे में दोनों प्रक्रियाएं कानून के अनुसार समानांतर रूप से चल सकती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच और पूछताछ के दायरे को स्पष्ट रूप से तय किया गया है, इसलिए कार्यवाही के ओवरलैप होने की आशंका नहीं बनती।

एसआईटी की जांच में क्या आया सामने?

बता दें कि एसआईटी की जांच में सामने आया है कि भगवान वेंकटेश्वर मंदिर को घी बताकर जो सामान बेचा गया, वह असल में केमिकल से प्रोसेस किया हुआ पामोलिन तेल और अन्य चीजें थीं। अब ईडी यह पता लगाएगी कि आरोपियों ने मिलावटी घी बेचकर पैसे कैसे कमाया। एजेंसी को शक है कि इसमें हवाला के जरिए पैसों का लेन-देन हुआ है और फंड का गलत इस्तेमाल किया गया है।

क्या है मामला?

यह मामला तब सुर्खियों में आया जब सितंबर 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि राज्य में पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार के समय तिरुपति लड्डू (पवित्र मिठाई) बनाने में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल हुआ था। इससे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

मामले की हो रही जांच

टीटीडी चेयरमैन बी. आर. नायडू ने जनवरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पिछली सरकार के दौरान मंदिर को करीब 60 लाख किलो मिलावटी घी सप्लाई हुआ था। इसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये बताई गई है। अब ईडी इस पूरे पैसे के लेन-देन की कड़ी जांच कर रही है।

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