LPG Crisis: 'एलपीजी की डिलिवरी सामान्य, पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश', पश्चिम एशिया संकट के बीच बोली सरकार
देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया बड़ा अपडेट। अफवाहों और 'पैनिक बुकिंग' से बचें। पांच दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन विस्तार के नए आदेश की पूरी जानकारी के लिए यह खबर पढ़ें।
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार ने अंतर मंत्रालयी प्रेसवार्ता के दौरान देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है। साथ ही, सिटी गैस वितरण संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन के विस्तार के लिए निर्देश भी जारी किए गए हैं।
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि, बड़ी संख्या में कार्गो लाइन में लगे हुए हैं। देश भर के एलपीजी वितरकों के पास किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिनों कुछ घबराहट में बुकिंग देखी गई थी। लेकिन एलपीजी की डिलीवरी सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी पर्याप्त मात्रा में हो रही है। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर नियमित रूप से दिए जा रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी की आपूर्ति शत प्रतिशत सुनिश्चित की गई है।
आमलोगों से की गई अफवाहों से बचने की अपील
शर्मा ने स्पष्ट किया कि सभी खुदरा दुकानों पर सामान्य परिचालन जारी है। उन्होंने दोहराया कि ईंधन स्टेशनों पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। उन्होंने आम जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की। साथ ही, घबराहट में खरीदारी से बचने का आग्रह किया। यह सुनिश्चित किया गया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है।
पीएनजी कनेक्शन का विस्तार के निर्देश
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनआरजीबी) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश में सभी सिटी गैस वितरण संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें आवासीय स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने होंगे। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक रसोई और आंगनवाड़ी रसोई को भी पांच दिनों के भीतर कनेक्शन देने को कहा गया है। यह निर्देश उन सभी स्थानों पर लागू होगा जहां पाइपलाइन का बुनियादी ढांचा पास में उपलब्ध है।
खाड़ी क्षेत्र में फंसे सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित: पोत व परिवहन मंत्रालय
प्रेस वार्ता के दौरान पोत व परिहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने कहा, "खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में कोई समुद्री घटना दर्ज नहीं की गई है। कल देर शाम, भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज, पाइन गैस और जग वसंत, दोनों एलपीजी से भरे हुए हैं।
दोनों जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। पाइन गैस 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा है और संभवतः 27 मार्च की सुबह न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचेगा। दूसरा एलपीजी वाहक जहाज, जग वसंत, लगभग 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा है और कांडला की ओर बढ़ रहा है, जिसके 26 मार्च को पहुंचने का अनुमान है।
इस प्रकार, फारस की खाड़ी से इन दो जहाजों के प्रस्थान के साथ, अब फारस की खाड़ी में 540 भारतीय नाविकों को ले जाने वाले 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज हैं... किसी भी बंदरगाह पर भीड़भाड़ की कोई सूचना नहीं है..."
जयशंकर ने पश्चिम एशिया संकट पर अमेरिका के विदेश मंत्री से बात की: मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "विदेश मंत्री ने कल अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर चर्चा की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विशेष ध्यान दिया गया। विदेश मंत्री ने श्रीलंका की विदेश मंत्री विजया हेरथ से भी बात की। दोनों नेताओं ने इस संघर्ष के परिणामों पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने 'पड़ोसी पहले' और 'मिशन महासंघ' के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।"
जायसवाल ने बताया, "विदेश मंत्री ने कल दिल्ली में सभी खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के राजदूतों से मुलाकात की। वहां भी उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में भारतीय समुदाय को उनके निरंतर समर्थन के लिए प्रत्येक राजदूत को धन्यवाद दिया।"