Mukesh Ambani: रिलायंस AGM में बोले अंबानी- जियो की IPO पेपर फाइलिंग आज; मूल्यांकन का रिकॉर्ड बनने का अनुमान
Mukesh Ambani: रिलायंस एजीएम में मुकेश अंबानी ने आज जियो के IPO की फाइलिंग का एलान किया। इसके मूल्यांकन में रिकॉर्ड बनने का अनुमान है। आकाश अंबानी ने भी जियो की तरफ से भावी योजनाओं को रेखांकित किया। शेयर बाजार में निवेशक इसका लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। जानिए जियो के आईपीओ से जुड़ी खास बातें
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रिलायंस की एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में मुकेश अंबानी ने कहा कि बीते छह साल अत्यधिक अस्थिर और अनिश्चित रहे हैं। उन्होंने भारत को दुनिया के सबसे लचीले देशों में से एक बताया। अंबानी ने जोर दिया कि भारत ने अतीत के सबसे बुरे संकटों को पार किया है। उन्होंने भावी योजनाओं को लेकर कहा कि रिलायंस पेय पदार्थों और दैनिक आवश्यक वस्तुओं से लेकर ताजे फलों और वस्त्र निर्माण तक मैन्युफैक्चरिंग यानी विनिर्माण मंच भी स्थापित करेगा। इसी समारोह में रिलायंस के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी का कहना है कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद राष्ट्रीय जरूरतों को पूरा करने के लिए रिलायंस ने एलपीजी उत्पादन में चार गुना वृद्धि की।
भारत की भावी भूमिका को लेकर क्या बोले अंबानी?
मुकेश अंबानी ने कहा कि आने वाले समय में भारत सभी देशों का मित्र, शांति को बढ़ावा देने वाला और संतुलन बनाने वाला बनेगा। अंबानी ने कहा कि भारत को महत्वपूर्ण संसाधनों और तकनीकों में आत्मनिर्भर बनने के प्रयास तेज करने होंगे। उन्होंने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आईपीओ दस्तावेज को मंजूरी दे दी है। यह दस्तावेज शुक्रवार को सेबी के पास दाखिल किया जाएगा।
जियो की लिस्टिंग से दुनिया के सामने कौन सी मिसाल?
जियो की लिस्टिंग से दुनिया देखेगी कि भारत वैश्विक स्तर की प्रौद्योगिकी कंपनियां बना सकता है। भारत को एआई का केवल यूजर या उपभोक्ता नहीं बनना चाहिए। इसे एआई का निर्माता, अपनाने वाला और वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने वाला बनना होगा।
रिलायंस बोर्ड से मंजूर की गई डीआरएचपी में क्या खास?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए आधिकारिक घोषणा की है कि कंपनी के बोर्ड ने जियो के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को अपनी मंजूरी दे दी है और बाजार नियामक संस्था सेबी के समक्ष इसकी फाइलिंग आज ही कर दी जाएगी। इस ऐतिहासिक कदम को अपने लिए एक बेहद भावुक पल बताते हुए अंबानी ने स्पष्ट किया कि जियो के इस प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के तहत 10 रुपये के अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर बाजार में उतारे जाएंगे।
रिलायंस की 49वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान और क्या पता लगा?
- विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक जियो का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा होने के आसार हैं।
- इसका मूल्यांकन 130-180 अरब अमेरिकी डॉलर होने की संभावना है।
- जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) का 66.43% पेड-अप शेयर कैपिटल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के पास।
- शेष 33.57 प्रतिशत हिस्सेदारी में मेटा और गूगल के पास 17.71 फीसदी।
- 10 रुपये के अंकित मूल्य पर 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी होंगे।
- आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश, ईशा और अनंत कर रहे हैं।
- कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सभी ग्राहकों को 5जी नेटवर्क से जोड़ना है।
- कंपनी छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों को डिजिटाइज करने के प्रयास जारी रखेगी।
- प्रीमियम 5जी सेवाओं, एआई-सक्षम पेशकशों और उद्यम समाधानों से उच्च राजस्व की उम्मीद।
जियो प्लेटफॉर्म्स और कौन सी नई पहल करने वाला है?
एजीएम के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने भी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स एक संप्रभु लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रह समूह विकसित करने पर विचार कर रहा है। कंपनी भारत में अपना खुद का ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी। यह पहल देश की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करेगी। यह भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी के मुताबिक जियो अपनी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवा जियोएयरफाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंच का विस्तार करना भी चाहता है। 90 फीसदी से अधिक इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे हो जाते हैं।