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RK Family Trust Dispute: रानी कपूर ने प्रिया कपूर को पद से हटाया, कानूनी कार्रवाई करने की दी कड़ी चेतावनी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Tue, 07 Apr 2026 02:04 PM IST
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सार

आरके फैमिली ट्रस्ट पर नियंत्रण का विवाद गहराया। रानी कपूर ने प्रिया कपूर को ट्रस्टी पद से हटाकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। दिल्ली हाईकोर्ट में मामला लंबित। पूरी बिजनेस रिपोर्ट पढ़ें।

RK Family Trust Dispute Escalates RK Family Trust Rani Kapur Priya Kapu Sunjay Kapur
संजय कपूर का कुनबा - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

दिवंगत संजय कपूर से जुड़े विवाद में आरके फैमिली ट्रस्ट पर नियंत्रण को लेकर चल रहा पारिवारिक और कानूनी विवाद अब और गहरा गया है। सोना कॉमस्टार के दिवंगत चेयरमैन संजय कपूर की बुजुर्ग मां रानी कपूर ने प्रिया कपूर को एक नया सीज-एंड-डेसिस्ट (काम रोकने का) नोटिस जारी किया है। 6 अप्रैल को जारी इस सूचना में रानी कपूर ने साफ किया है कि प्रिया कपूर अब ट्रस्टी के पद पर नहीं हैं और उन्हें तत्काल प्रभाव से इस हैसियत से काम करना बंद कर देना चाहिए। 

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ट्रस्टी पद से हटाने के लिए किस नियम का पालन किया गया?

यह नया पत्र 21 मार्च को भेजे गए एक पूर्व नोटिस के बाद उठाया गया कदम है। इस नोटिस में रानी कपूर ने 26 अक्टूबर, 2017 के ट्रस्ट डीड के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए प्रिया कपूर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। 15 दिनों का नोटिस पीरियड समाप्त होने के बाद, 6 अप्रैल से प्रिया कपूर का ट्रस्टी बने रहना अवैध हो गया है। 

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रानी कपूर ने अपने फैसले के समर्थन में ट्रस्ट डीड के 'क्लॉज 8.12(i)' का विशेष रूप से हवाला दिया है। उनका दावा है कि यह क्लॉज उन्हें बिना कोई कारण बताए किसी भी ट्रस्टी को हटाने की शक्ति देता है, और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए प्रिया कपूर को हटाना पूरी तरह से वैध और बाध्यकारी है।

प्रिया कपूर के दावों को क्यों किया गया खारिज?

इस विवाद में दोनों ओर से कार्रवाई की गई है, लेकिन रानी कपूर ने प्रिया कपूर के उन पत्रों (24 मार्च और 4 अप्रैल, 2026) को दृढ़ता से खारिज कर दिया है, जिनमें प्रिया ने रानी कपूर को ही ट्रस्टी पद से हटाने का प्रयास किया था। रानी कपूर के अनुसार, प्रिया की ये कार्रवाइयां कानूनी रूप से अस्थिर हैं और ट्रस्ट में उनके (रानी कपूर के) अधिकार या स्थिति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।


इसके अलावा, प्रिया कपूर के इस दावे को भी खारिज कर दिया गया है कि रानी कपूर ट्रस्टी के रूप में काम करने में 'असमर्थ' हैं। रानी कपूर ने स्पष्ट किया है कि अदालत (न्यायिक हस्तक्षेप) का दरवाजा खटखटाने को अक्षमता नहीं माना जा सकता, बल्कि यह लाभार्थियों के हितों की रक्षा करने के उनके कर्तव्य का एक हिस्सा है।

दिल्ली हाईकोर्ट में क्या है मूल विवाद?

इस पूरे विवाद की जड़ें ट्रस्ट के अस्तित्व और संपत्तियों के अधिकार से जुड़ी हैं। वर्तमान में यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में है:

  • ट्रस्ट को चुनौती: रानी कपूर ने अदालत में ट्रस्ट के निर्माण, इसमें संपत्तियों के हस्तांतरण और इसके प्रशासन को सीधे तौर पर चुनौती दी है।
  • संपत्ति का विवाद: उनका आरोप है कि ट्रस्ट में वे संपत्तियां रखी गई हैं जो कानूनी तौर पर उनकी हैं। 
  • बेदखल करने का प्रयास: रानी कपूर का दावा है कि जून 2025 में उनके बेटे संजय कपूर के निधन के बाद, उन्हें उनकी ही संपत्ति से बेदखल करने की साजिश के तहत इस ट्रस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

रानी कपूर ने प्रिया कपूर को किस बात की चेतावनी दी?

रानी कपूर के नोटिस में यह भी बताया गया है कि फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से ट्रस्ट के कामकाज पर कोई स्टे ऑर्डर नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने प्रिया कपूर की कार्रवाइयों में प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर करते हुए कहा कि किसी भी ट्रस्टी को हटाने के लिए बाकी सभी ट्रस्टियों की मंजूरी जरूरी होती है, जो प्रिया ने नहीं ली।

रानी कपूर ने सख्त चेतावनी दी है कि पद से हटाए जाने के बाद प्रिया कपूर द्वारा ट्रस्टी के रूप में लिया गया कोई भी फैसला अनधिकृत माना जाएगा और इसके लिए उन्हें नागरिक और आपराधिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रिया से आरके फैमिली ट्रस्ट से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और सामग्री तुरंत सौंपने की मांग की है। चूंकि मामला अभी अदालत में लंबित है, इसलिए ट्रस्ट और उसकी संपत्तियों पर नियंत्रण का यह विवाद लगातार तेज होता जा रहा है।

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