The Bonus Market Update: शेयर बाजार लाल निशान पर बंद; सेंसेक्स 456 अंक गिरा, निफ्टी 24600 से फिसला
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में शुरु से अंत तक बिकवाली का सिलसिला जारी रहा। आखिरकार प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान पर ही बंद हुए। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुकव्रार को लाल निशान पर बंद हुए। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में नई लॉन्च की गई क्लोजिंग नीलामी सत्र के कारण भिन्नता देखी गई। इस सत्र ने बाजार बंद होने के समय सूचकांकों के प्रदर्शन में अंतर पैदा किया।
बीएसई सेंसेक्स 455.59 अंक या 0.58 फीसदी गिरकर 78,499.17 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान यह 577.69 अंक तक लुढ़क गया था। एनएसई निफ्टी 65.35 अंक या 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 24,570.65 पर समाप्त हुआ। दिन में निफ्टी 113.25 अंक तक नीचे आया था। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में बजाज फाइनेंस 5.90 फीसदी और बजाज फिनसर्व 4.18 फीसदी गिरे। आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, एक्सिस बैंक और एशियन पेंट्स भी पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और टेक महिंद्रा बढ़त वाले शेयरों में रहे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ 82.20 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार, 6 अगस्त को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या रहे?
एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज वार्ता को लेकर नई अनिश्चितता ने भारतीय शेयर बाजारों को प्रभावित किया। वित्तीय शेयरों में व्यापक कमजोरी भी गिरावट का एक बड़ा कारण बनी। निवेशकों की धारणा सतर्क रही क्योंकि बाजार भू-राजनीतिक जोखिमों का आकलन कर रहे थे। गैर-बैंकिंग ऋण क्षेत्र के लिए नए नियामक प्रस्तावों के संभावित प्रभावों पर भी बाजार ने विचार किया।
सप्ताह भर बाजार में क्या खास रहा?
पूरे सप्ताह के दौरान, दोनों प्रमुख सूचकांकों में अंतर देखा गया। शेयर बाजारों ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) अनुबंधों वाले शेयरों के लिए एक नई नीलामी व्यवस्था शुरू की थी। इक्विटी कैश सेगमेंट में समापन नीलामी सत्र सोमवार, 3 अगस्त को चालू हो गया था। इस नई नीलामी-आधारित व्यवस्था का उद्देश्य योग्य शेयरों की समापन कीमतों को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि मध्य पूर्व में निश्चित भू-राजनीतिक समाधान की कमी से कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं।
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा?
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ समाप्त हुए। यूरोप के बाजार सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार, 6 अगस्त को गिरावट के साथ बंद हुए थे। गुरुवार को सेंसेक्स 373.76 अंक या 0.48 फीसदी चढ़कर 78,954.76 पर बंद हुआ था। निफ्टी एक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद 11.35 अंक या 0.05 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 24,636 पर समाप्त हुआ था।