The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के बाद संभला सेंसेक्स, निफ्टी ने फिर पार किया 24,000 का स्तर
भारतीय शेयर बाजार में कल की भारी मंदी के बाद गुरुवार सुबह दर्ज हुई बड़ी रिकवरी। सेंसेक्स करीब 500 अंक मजबूत हुआ, जबकि निफ्टी फिर से 24,000 के पार निकला। जानें आज कौन से सेक्टर्स रहे तेजी में आगे और क्या है विश्लेषकों की राय।
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विस्तार
बुधवार को दलाल स्ट्रीट पर हुई बड़ी बिकवाली के बाद गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण कल की बिकवाली में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा होने के बाद, आज बाजार ने दमदार वापसी की है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में आधा प्रतिशत से अधिक की मजबूती देखी गई, जिससे निफ्टी ने एक बार फिर 24,000 के बेहद महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को सफलतापूर्वक पार कर लिया। दूसरी ओर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 95.52 पर आ गया।
कैसा रहा आज सुबह बाजार का हाल?
गुरुवार सुबह 09:35 बजे के कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में बढ़त का माहौल रहा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदनशील सूचकांक सेंसेक्स 492.38 अंक (0.64%) की तेजी के साथ 76,995.98 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 सूचकांक भी 138.11 अंक (0.58%) की छलांग लगाकर 24,020.15 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इस शुरुआती रिकवरी ने बीते सत्र के भारी मानसिक दबाव से जूझ रहे निवेशकों को बड़ी राहत दी है।
किन सेक्टरों में देखी जा रही है सबसे ज्यादा तेजी?
बाजार में शुरुआती बढ़त को मुख्य रूप से चुनिंदा डिफेंसिव और कंजम्पशन सेक्टरों से समर्थन मिला। इस तेजी का नेतृत्व मुख्य रूप से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा सेक्टर्स के शेयरों ने किया। इन क्षेत्रों में आई लिवाली के चलते बाजार के सेंटिमेंट में सकारात्मक सुधार देखा जा रहा है और कल के चौतरफा बिकवाली के दौर पर कुछ हद तक ब्रेक लगा है।
बड़ी गिरावट के बीच एफआईआई की खरीदारी और शेयरों का रुख
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण आंकड़ा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का रहा। बुधवार को जब बाजार में हाहाकार मचा था, तब भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार पर भरोसा जताते हुए 1,962.80 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। गुरुवार सुबह शुरुआती कारोबार में जहां सेंसेक्स 495.86 अंक उछलकर 76,998.54 पर और निफ्टी 148.70 अंक की बढ़त के साथ 24,025 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं इस तेजी को सन फार्मा, भारती एयरटेल, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे मजबूत ब्लू-चिप शेयरों का सहारा मिला। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा इस रिकवरी के दौरान भी पिछड़ती नजर आईं।
कच्चे तेल की कीमतों और भुगतान संतुलन (बीओपी) पर विशेषज्ञों की राय बाजार के जानकारों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव ने भले ही भारतीय बाजार के मजबूत होते कदम को अस्थायी रूप से झटका दिया हो, लेकिन हालात उतने गंभीर नहीं हैं जितनी आशंका जताई जा रही है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार के अनुसार, वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का 78.83 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर होना भारत के लिए कोई चिंता की बात नहीं है और इससे देश के भुगतान संतुलन (बीओपी) पर कोई संकट नहीं आएगा। भारतीय बाजार के लिए वास्तविक संकट तभी पैदा होगा, जब तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने की नौबत आ जाए और कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार निकल जाए, लेकिन मौजूदा फ्यूचर्स बाजार फिलहाल ऐसी किसी भी निराशाजनक स्थिति का संकेत नहीं दे रहे हैं।
तकनीकी विश्लेषकों का इस तेजी पर क्या है नजरिया?
बाजार की चाल पर तकनीकी विश्लेषक अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को हुई भारी बिकवाली के दौरान निफ्टी ने अपने सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन यानी 24,000-24,150 के दायरे को काफी मजबूती से तोड़ दिया था। इसके साथ ही सूचकांक अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से भी नीचे खिसक गया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरावट ने निफ्टी के शॉर्ट-टर्म तकनीकी आउटलुक को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते निवेशकों को मौजूदा स्तरों पर पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।
वैश्विक बाजारों से क्या संकेत मिल रहे हैं?
वैश्विक मोर्चे पर आज सुबह मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। टोक्यो समयानुसार दोपहर 12:04 बजे तक अमेरिकी बाजारों के एसएंडपी 500 (S&P 500) फ्यूचर्स में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं हुआ। हालांकि, जापानी बाजारों में तेजी देखी गई जहां निक्केई 225 फ्यूचर्स 1.5% उछल गए और टॉपिक्स इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखी गई। इसके अलावा, यूरोप का यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी 0.9% मजबूत हुआ। इसके विपरीत, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.7%, हांगकांग का हैंगसेंग 0.5% और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.6% की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे थे।
बुधवार को पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दर्ज करने के बाद, आज भारतीय शेयर बाजार की रिकवरी एक सकारात्मक शुरुआत है। हालांकि, तकनीकी कमजोरियों और मिले-जुले वैश्विक संकेतों को देखते हुए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बाजार आज के इस 24,000 के स्तर को बरकरार रखने में कामयाब हो पाता है या नहीं।