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Sugar: गन्ने की पैदावार कम होने से घट सकता है चीनी उत्पादन, भारी बारिश के कारण पड़ा असर
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: लव गौर
Updated Thu, 19 Feb 2026 05:31 AM IST
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सार
Sugar production: गन्ने की पैदावार कम होने से चीनी उत्पादन घट सकता है।
प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी बारिश के कारण गन्ने की पैदावार पर असर पड़ा है।
चीनी उत्पादन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
प्रमुख उत्पादक राज्यों में भारी वर्षा होने के कारण गन्ने की पैदावार कम होने से देश में चीनी के उत्पादन में गिरावट आ सकती है। इससे दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत से निर्यात सीमित हो जाएगा। व्यापारियों एवं किसानों का कहना है कि भारत को अपने आवंटित निर्यात कोटे का आधा हिस्सा भी निर्यात करने में मुश्किल हो सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतों को समर्थन मिल रहा है और यह पांच साल के निचले स्तर के करीब हैं।
पांच व्यापारिक संगठनों के आंतरिक अनुमानों के आधार पर सितंबर में समाप्त होने वाले विपणन वर्ष 2025-26 में भारत में 2.85 से 2.9 करोड़ टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने इस वर्ष के लिए 3.09 करोड़ टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है। एमईआईआर कमोडिटीज इंडिया के प्रबंध निदेशक राहिल शेख ने कहा, सभी प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में पैदावार कम हुई है। इससे चालू सीजन के उत्पादन अनुमान कम हो रहे हैं।
90 लाख टन चीनी का उत्पादन
राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस सीजन में अब तक 90 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। गन्ने की कमी से पेराई शुरू करने वाली 207 मिलों में से लगभग आधी बंद हो चुकी हैं। मुंबई के एक डीलर ने कहा, चीनी उत्पादन में कमी और अगले महीने से गर्मी के मौसम में मांग में अपेक्षित वृद्धि से कीमतों को समर्थन मिलने की संभावना है।
ये भी पढ़ें: Sugar Production: गन्ने की अधिक आपूर्ति से चीनी उत्पादन 22 फीसदी बढ़ा, 15 जनवरी तक चालू थीं 518 मिलें
महाराष्ट्र में सर्वाधिक नुकसान की आशंका
सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र में होने की आशंका है, जो गन्ने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। राज्य में उत्पादन पहले के 1.08 करोड़ टन के अनुमान के मुकाबले 96 लाख टन रह सकता है। महाराष्ट्र एवं पड़ोसी राज्य कर्नाटक के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के लगभग पांच दर्जन किसानों ने बताया कि अत्यधिक बारिश से गन्ने की जड़ों का विकास प्रभावित हुआ और फसल समय से पहले पक गई। किसानों के कहा, हमें प्रति एकड़ कम से कम 60 टन गन्ने की पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन यह सिर्फ 48 टन ही हुई। महाराष्ट्र के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में सितंबर में सामान्य से 115 फीसदी अधिक बारिश हुई।
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90 लाख टन चीनी का उत्पादन
राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में इस सीजन में अब तक 90 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है। गन्ने की कमी से पेराई शुरू करने वाली 207 मिलों में से लगभग आधी बंद हो चुकी हैं। मुंबई के एक डीलर ने कहा, चीनी उत्पादन में कमी और अगले महीने से गर्मी के मौसम में मांग में अपेक्षित वृद्धि से कीमतों को समर्थन मिलने की संभावना है।
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महाराष्ट्र में सर्वाधिक नुकसान की आशंका
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