Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹4800 तक टूटी, सोना ₹1200 सस्ता
Gold Silver Rates Today: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। चांदी 4800 रुपये तक सस्ती हुई, जबकि सोने की कीमत में 1200 रुपये की गिरावट देखने को मिली। आइए जानते हैं आज का अपडेट।
विस्तार
Sone Chandi ka Aaj ka Rate: सोने-चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। सोने का भाव 1230 रुपये गिरकर 1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में 4830 रुपये की गिरावट आई। यह 2.36 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।
शुरुआती कारोबार में एमसीक्स पर चांदी की कीमत 4,131 रुपये गिरकर 2.40 लाख प्रति किलो पर आ गई। वहीं सोना का भाव 1145 रुपये गिरकर 1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल
सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान स्पॉट गोल्ड 0.43% फिसलकर 4,992 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया, जबकि स्पॉट सिल्वर में करीब 3% की तेज गिरावट के साथ कीमत 74.24 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह क्या है?
सोना-चांदी की कीमतों पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। जनवरी में अमेरिका में उपभोक्ता महंगाई उम्मीद से कम रही, वहीं दूसरी ओर रोजगार वृद्धि अनुमान से अधिक मजबूत रही। इन संकेतों ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को संतुलित कर दिया है।
फिलहाल बाजार सहभागियों का मानना है कि फेड अपनी 18 मार्च की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि ट्रेडर्स जुलाई तक दरों में कटौती की संभावना को प्राइस-इन कर रहे हैं और जून में कटौती की भी मजबूत संभावना जताई जा रही है। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें आमतौर पर सोने को सहारा देती हैं, लेकिन नीति को लेकर अनिश्चितता फिलहाल दबाव बना रही है।
निवेशकों की नजर किन संकेतों पर?
अब निवेशकों का फोकस फेड की बैठक के मिनट्स, चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े और फेड के पसंदीदा कोर PCE प्राइस इंडेक्स पर है, जो आगे की मौद्रिक नीति की दिशा का संकेत दे सकते हैं।
भूराजनीतिक और वैश्विक बाजार का असर
भूराजनीतिक मोर्चे पर एक ईरानी राजनयिक के बयान ने भी बाजार भावना को प्रभावित किया है, जिसमें अमेरिका के साथ आर्थिक लाभ देने वाले परमाणु समझौते की इच्छा जताई गई है। साथ ही, अमेरिकी बाजार प्रेसिडेंट्स डे के कारण बंद रहे, जबकि चीन और एशिया के कई बाजार लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के चलते बंद थे, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम सीमित रहा और कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।