Acquisition: नाभा पवार का अधिग्रहण करेगी टोरेंट पावर, इतने करोड़ में एलएंडटी की इकाई से डील तय
टोरेंट पावर ने एलएंडटी पावर डेवलमेंट लिमिटेड से नाभा पावर में 100% हिस्सेदारी 6,889 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने का समझौता किया है। इस डील के बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल क्षमता 5 GW से बढ़कर 6.4 GW हो जाएगी।
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टोरेंट पावर ने लार्सन एंड टुब्रो की इकाई से नाभा पावर के अधिग्रहण की घोषणा की है। कंपनी के बयान के अनुसार यह सौदा 6,889 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, यह सौदा जरूरी नियामकीय मंजूरियों और सामान्य क्लोजिंग शर्तों के अधीन रहेगा। नाभा पावर लिमिटेड (एनपीएल) एल एंड टी पावर डेवलपमेंट लिमिटेड (एल एंड टीपीडीएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो स्वयं इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज L&T की सब्सिडियरी है।
टोरेंट पावर की परिचालन क्षमता बढ़ेगी
इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद टोरेंट पावर की परिचालन क्षमता 5 गीगावॉट से बढ़कर 6.4 गीगावॉट हो जाएगी। टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन समीर मेहता ने कहा कि एनपीएल कंपनी के पोर्टफोलियो में एक स्थापित ऑपरेटिंग एसेट जोड़ेगी, जो पूरी तरह अनुबंधित कैश फ्लो और मजबूत ऑपरेशनल ट्रैक रिकॉर्ड से समर्थित है। उन्होंने कहा कि यह अधिग्रहण पहले दिन से ही राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करेगा।
मुख्य व्यवसायों को मजबूत करने का लक्ष्य
वहीं, एनएंडटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा कि एनपीएल की बिक्री कंपनी की मुख्य व्यवसायों को मजबूत करने और वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति के अनुरूप है, जिससे दीर्घकालिक हितधारकों के लिए मूल्य सृजन होगा।
साल 2014 में चालू हुआ नाभा पावर का 1,400 मेगावॉट (2x700 MW) सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में स्थित है और यह 25 वर्षीय पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत संचालित होता है। प्लांट के पास एसईसीएल और एनसीएल के साथ दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौते भी हैं, साथ ही वैकल्पिक कोयला खरीद की व्यवस्था भी मौजूद है।
कंपनी के अनुसार, इस सुपरक्रिटिकल पावर एसेट ने वित्त वर्ष 2024-25 में 4,866 करोड़ रुपये का राजस्व, 1,153 करोड़ रुपये का समायोजित ईबीआईटीडीए और 95.36 प्रतिशत का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर दर्ज किया।
करीब 45,000 करोड़ रुपये के टॉरेंट ग्रुप की प्रमुख कंपनी टोरेंट पॉवर देश की प्रमुख एकीकृत पावर यूटिलिटीज में से एक है, जिसकी मौजूदगी उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सहित पूरे पावर वैल्यू चेन में है।