India-AI Impact Summit: PAK को भारत ने आईना दिखाया, दिल्ली के वैश्विक मंच पर पड़ोसी को जगह नहीं; मायने क्या?
AI Summit India 2026: इंडिया-एआई इंपैक्ट समिट 2026 का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हो रहा है। इसमें 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए भारत ने निमंत्रण नहीं भेजा। 100 से अधिक देशों की दिग्गज कंपनियों के जमघट वाले इस वैश्विक आयोजन के माध्यम से भारत बड़ा संदेश देना चाहता है। एआई के इस शिखर सम्मेलन से जुड़ी खास बातें, जानिए इस खबर में
विस्तार
भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर आईना दिखाया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया-एआई इंपैक्ट समिट 2026 में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब पांच बजे इस शिखर सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। पीएम मोदी वैश्विक कंपनियों और राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को रेखांकित करेंगे। पीएम मोदी नीत सरकार के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रति भारत सख्त नीतियां अपना रहा है, एआई इंपैक्ट समिट में न्योता न भेजना इसकी एक और बानगी है।
दिल्ली में हो रहे इस पांच दिवसीय ग्लोबल इवेंट में किन राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया गया है? किन देशों की कौन सी बड़ी कंपनियां भारत में एआई से जुड़े इस आयोजन में भाग ले रही हैं? पीएम मोदी नीत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर क्या नीतियां अपना रही है? बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्यों के बीच भारत का ये प्रयास सही मायने में वैश्विक क्यों है? जानिए ऐसे तमाम सवालों के जवाब इस खबर में
पाकिस्तान को नहीं दिया गया निमंत्रण
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा समेत कई प्रमुख वैश्विक नेता इस समिट में हिस्सा लेंगे। इस समिट के लिए पाकिस्तान को आमंत्रण न दिए जाने को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस समिट के लिए अब तक लगभग तीन लाख प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सम्मेलन का मकसद केवल तकनीकी विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई को हेल्थकेयर, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लागू कर आम लोगों के जीवन में वास्तविक और व्यापक सुधार लाना भी है।
कौन-कौन होंगे शामिल?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर निम्नलिखित विश्व नेता समिट में शामिल होंगे-
- भूटान - प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे
- बोलीविया - उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो
- ब्राजील - राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा
- क्रोएशिया - प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच
- एस्टोनिया - राष्ट्रपति अलार कारिस
- फिनलैंड - प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो
- फ्रांस राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
- ग्रीस - प्रधानमंत्री क्यरियाकोस मित्सोताकिस
- गयाना - उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव
- कजाखस्तान - प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव
- लिकटेंस्टाइन - वंशानुगत राजकुमार एलोइस
- मॉरीशस - प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम
- सर्बिया - राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच
- स्लोवाकिया - राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी
- स्पेन - प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज
- श्रीलंका - राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायका
- सेशेल्स - उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले
- स्विट्जरलैंड - राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन
- नीदरलैंड - प्रधानमंत्री डिक स्कूफ
- संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) - अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
इनके अलावा 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी समिट में भाग लेंगे।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत टेक दिग्गजों की भागीदारी
समिट में वैश्विक टेक उद्योग की बड़ी हस्तियों की भी मौजूदगी रहेगी। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हासाबिस, एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन सहित कई प्रमुख टेक लीडर्स इसमें शामिल होंगे।
पांच दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एआई सुरक्षा, गवर्नेंस, नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और भारत के 'सॉवरेन AI' दृष्टिकोण जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। यह समिट वैश्विक एआई नीति, जिम्मेदार तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करेगा।
7 चक्र और 3 सूत्रों पर आधारित होगा समिट
समिट की चर्चाएं सात प्रमुख विषयों- ह्यूमन कैपिटल, सोशल एम्पावरमेंट, सुरक्षित और भरोसेमंद AI, इनोवेशन, साइंस, AI रिसोर्सेज का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास पर आधारित होंगी।
पूरी रूपरेखा तीन सूत्रों पर टिकी है:
- पीपल (लोग): AI को मानव प्रगति और सांस्कृतिक विविधता के सम्मान के साथ जोड़ना।
- प्लैनेट (ग्रह): जिम्मेदार इनोवेशन को बढ़ावा देना।
- प्रोग्रेस (तरक्की): एआई के जरिए सबको विकास का समान अवसर मिले।
महिलाओं के लिए क्या है खास?
‘AI बाय हर’ पहल के तहत महिलाओं द्वारा संचालित शीर्ष 10 स्टार्टअप्स को कुल 25 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जिसमें प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 2.5 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं ‘AI फॉर ऑल’ कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को बढ़ावा देना है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव ला सकें; इसके लिए भी 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आम लोगों के लिए क्या है खास?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 आम लोगों के लिए भी खास अनुभव लेकर आएगा। करीब 70,000 वर्ग मीटर में फैले मेगा AI एक्सपो में 30 से अधिक देशों की 300 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी, जहां विजिटर्स लाइव डेमो के जरिए देख सकेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वास्तविक जीवन में कैसे काम करता है। छात्रों और युवाओं के लिए 'YUVAi' और 'AI for ALL' जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट और करियर में AI टूल्स के उपयोग को समझाना है।
पांच दिनों के कार्यक्रम में 16 फरवरी को विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के बीच राउंडटेबल चर्चा और 'इंडिया AI एक्सपो' का उद्घाटन होगा। 17 फरवरी को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जेंडर सशक्तिकरण और दिव्यांग सहायता पर आधारित छह विशेष रिसर्च पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। 18 फरवरी को शीर्ष वैज्ञानिक और रिसर्चर अपनी नई रिसर्च प्रस्तुत करेंगे और कंपनियां AI तकनीक के लाइव डेमो देंगी। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और वैश्विक दिग्गजों के साथ अहम बैठकों में AI निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी। वहीं 20 फरवरी को GPAI काउंसिल की बैठक में सदस्य देश सुरक्षित, भरोसेमंद और जिम्मेदार AI के विकास पर मंथन करेंगे।