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India-UK FTA: भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल से लागू होने की संभावना, ब्रिटिश संसद में चल रही बहस
ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 16 Feb 2026 05:13 AM IST
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सार
India-UK FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता अप्रैल में लागू होने की संभावना है, जिसके बाद भारत के 99 फीसदी निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में निशुल्क पहुंच मिलेगी। पढ़ें रिपोर्ट
भारत-ब्रिटेन एफटीए
- फोटो : x.com/@narendramodi
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विस्तार
भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को समानांतर रूप से लागू करने की तैयारी चल रही है।
जुलाई में हुए समझौते के तहत भारत के 99% निर्यात ब्रिटेन के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेंगे। वहीं, भारत में ब्रिटिश उत्पादों, जैसे कार व स्कॉच व्हिस्की, पर आयात शुल्क में चरणबद्ध कमी की जाएगी। स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटाकर 75% किया जाएगा और 2035 तक इसे 40% तक लाया जाएगा। ऑटोमोबाइल पर आयात शुल्क पांच वर्षों में घटाकर 10% किया जाएगा, जो अभी 110% तक है। समझौते के तहत भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और सौंदर्य प्रसाधन जैसे उपभोक्ता उत्पादों के लिए बाजार खोला है, जबकि भारतीय वस्त्र, जूते, रत्न-आभूषण, खेल सामग्री व खिलौनों को ब्रिटेन में पहुंच मिलेगी।
ये भी पढ़ें: प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मिलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, निवेश व सहयोग पर जोर
दोहरा अंशदान संधि पर भी हैं हस्ताक्षर
दोनों देशों ने दोहरा अंशदान संधि पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिससे अस्थायी कर्मियों को सामाजिक अंशदान दो बार नहीं देना होगा। समझौते को लागू करने से पहले ब्रिटेन की संसद की मंजूरी आवश्यक है। वहां हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में इस पर बहस और समीक्षा चल रही है। इसका उद्देश्य 2030 तक 56 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।
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जुलाई में हुए समझौते के तहत भारत के 99% निर्यात ब्रिटेन के बाजार में शून्य शुल्क पर प्रवेश करेंगे। वहीं, भारत में ब्रिटिश उत्पादों, जैसे कार व स्कॉच व्हिस्की, पर आयात शुल्क में चरणबद्ध कमी की जाएगी। स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटाकर 75% किया जाएगा और 2035 तक इसे 40% तक लाया जाएगा। ऑटोमोबाइल पर आयात शुल्क पांच वर्षों में घटाकर 10% किया जाएगा, जो अभी 110% तक है। समझौते के तहत भारत ने चॉकलेट, बिस्कुट और सौंदर्य प्रसाधन जैसे उपभोक्ता उत्पादों के लिए बाजार खोला है, जबकि भारतीय वस्त्र, जूते, रत्न-आभूषण, खेल सामग्री व खिलौनों को ब्रिटेन में पहुंच मिलेगी।
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दोहरा अंशदान संधि पर भी हैं हस्ताक्षर
दोनों देशों ने दोहरा अंशदान संधि पर भी हस्ताक्षर किए हैं, जिससे अस्थायी कर्मियों को सामाजिक अंशदान दो बार नहीं देना होगा। समझौते को लागू करने से पहले ब्रिटेन की संसद की मंजूरी आवश्यक है। वहां हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में इस पर बहस और समीक्षा चल रही है। इसका उद्देश्य 2030 तक 56 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।