एआई इंपैक्ट समिट: शुभारंभ से पहले बोले PM- विज्ञान-तकनीक में तरक्की कर रहा भारत, दुनिया देखेगी हमारा सामर्थ्य
पीएम मोदी ने एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट के शुभारंभ से पहले कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की ताकत, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और शोध के दम पर भारत एआई परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में तेजी से प्रगति कर रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं।
विस्तार
राजधानी दिल्ली में आज मेगा एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट की शुरुआत हो रही है, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख टेक लीडर्स और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस बड़े आयोजन के तहत बाद में 'एआई इंडिया एक्सपो' का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया भर से लोगों का इस समिट में आना भारत के लिए गर्व की बात है और यह देश के युवाओं की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास… pic.twitter.com/7gxXJEtpOz
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
देश आज एआई परिवर्तन के अग्रिम पंक्ति में खड़ा है
पीएम ने आगे कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक शक्ति के कारण देश आज एआई परिवर्तन के अग्रिम पंक्ति में खड़ा है। उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक शोध को भारत की एआई प्रगति की प्रमुख ताकत बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति केवल महत्वाकांक्षा ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
Thanks to the 1.4 billion people of India, our nation stands at the forefront of the AI transformation. From digital public infrastructure to a vibrant StartUp ecosystem and cutting-edge research, our strides in AI reflect both ambition and responsibility.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
एआई इम्पैक्ट समिट क्यों है खास?
16 से 20 फरवरी तक चलने वाला एआई इंडिया इम्पैक्ट एक्सपो समिट के साथ आयोजित किया जा रहा है और इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक उपयोगों के राष्ट्रीय प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। करीब 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस एक्सपो के 10 एरीना में वैश्विक टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थान, शोध संगठन, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग लेंगे।
इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन भी लगाए गए हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीकी देशों की भागीदारी शामिल है, जो एआई इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करेंगे।
कार्यक्रम में 300 से अधिक क्यूरेटेड प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो का आयोजन 'पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस' थीम पर किया जाएगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में एआई के व्यापक प्रभाव को दिखाया जाएगा। इसमें 600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स भी हिस्सा ले रहे हैं, जो जनसंख्या स्तर पर लागू किए जा सकने वाले एआई समाधानों पर काम कर रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, इस एक्सपो में 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है, जबकि पूरे आयोजन के दौरान 500 से ज्यादा सत्रों में 3,250 से अधिक वक्ता और पैनलिस्ट भाग लेंगे। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला अंतरराष्ट्रीय एआई समिट है, जिसका उद्देश्य समावेशी, जिम्मेदार और प्रभावशाली एआई भविष्य की दिशा तय करना है।
इंडिया एआई मिशन के तहत 12 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल भी पेश किए जाएंगे, जिन्हें भारतीय डेटा सेट्स पर प्रशिक्षित किया गया है और देश की 22 आधिकारिक भाषाओं के अनुरूप तैयार किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक 17 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना वाले भारत के एआई बाजार के लिए यह समिट वैश्विक साझेदारी, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।