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Biz Updates: वित्त मंत्री सीतारमण आधिकारिक दौरे पर नॉर्वे पहुंचीं, जानें RBI के नए नियमों में किस पर फोकस

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 16 Feb 2026 08:51 AM IST
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बिजनेस अपडेट - फोटो : अमर उजाला
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नॉर्वे पहुंचीं। इस दौरान वह नॉर्वे के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगी, द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगी और व्यापार जगत के नेताओं, निवेशकों तथा भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद करेंगी।
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वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि ओस्लो एयरपोर्ट पर पहुंचने पर भारत की नॉर्वे में राजदूत ग्लोरिया गांगटे ने उनका स्वागत किया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नॉर्वे के ओस्लो हवाई अड्डे पर आगमन पर भारतीय राजदूत द्वारा औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरे को भारत-नॉर्वे आर्थिक सहयोग, निवेश संबंधों को मजबूत करने और द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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RBI के नए नियमों से एमएंडए फंडिंग को बढ़ावा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंकों की कैपिटल मार्केट एक्सपोजर (CME) से जुड़े नए नियमों से अब लेंडर्स कॉरपोरेट टेकओवर, मर्जर एंड एक्विजिशन (M&A) और लेवरेज्ड बायआउट जैसे सौदों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। जेएम फाइनेंशियल की रिपोर्ट के अनुसार, यह नया फ्रेमवर्क बैंकों को अधिग्रहण से जुड़े डील्स को फंड करने की अनुमति देता है, साथ ही जोखिम पर कड़ा नियंत्रण भी सुनिश्चित करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिग्रहण के बाद डेब्ट-टू-इक्विटी रेशियो पर सीमा तय करने और कैपिटल मार्केट एक्सपोजर पर कैप लगाने से केवल मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों को ही बैंक फंडिंग मिल पाएगी। इससे जोखिम भरे कर्ज पर अंकुश लगेगा और बैंकिंग सिस्टम में स्थिरता बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से सिस्टमेटिक रिस्क में कमी आएगी, यानी वित्तीय अस्थिरता की आशंका घटेगी, साथ ही कॉरपोरेट डील्स के लिए संरचित और सुरक्षित फंडिंग का रास्ता भी खुलेगा।

जापान की अर्थव्यवस्था सुस्त, 2025 की आखिरी तिमाही में महज 0.2% की बढ़त
जापान की अर्थव्यवस्था 2025 की आखिरी तिमाही में बेहद धीमी रफ्तार से बढ़ी और वार्षिक आधार पर सिर्फ 0.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, यह जानकारी सरकार ने सोमवार को जारी आंकड़ों में दी। पूरे वर्ष 2025 में आर्थिक वृद्धि मात्र 1.1 प्रतिशत रही। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में निजी खपत में 0.4 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई, लेकिन निर्यात में 1.1 प्रतिशत की गिरावट ने इस बढ़त को कमजोर कर दिया।

निर्यात पर निर्भर जापान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ का असर पड़ा है और पिछले कुछ वर्षों से विकास की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने हालिया आम चुनाव में बड़ी जीत के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए खर्च बढ़ाने और खाद्य पदार्थों पर बिक्री कर निलंबित करने जैसे कदम उठाने का संकेत दिया है।

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