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West Asia Crisis: सरकार ने पेट्रोकेमिकल आयात पर कस्टम ड्यूटी छूट 15 जुलाई तक बढ़ाई, क्या आम आदमी को मिलेगी राह

Tue, 30 Jun 2026 05:44 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Tue, 30 Jun 2026 05:44 PM IST
सार

पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत सरकार ने करीब 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी की छूट 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। फार्मा, टेक्सटाइल और ऑटो सेक्टर पर इस फैसले के असर की पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए अभी पढ़ें।

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West Asia Crisis Impact: Govt Extends Customs Duty Exemption on Critical Petrochemical Imports Till July 15
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala

विस्तार

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस संकट के बीच घरेलू उद्योगों को महंगे कच्चे माल की मार से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर दी जा रही शून्य कस्टम ड्यूटी की छूट को 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह राहत 15 जुलाई तक लागू रहेगी, ताकि देश में कच्चे माल की सप्लाई में कोई रुकावट न आए।

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सरकार ने कस्टम ड्यूटी को लेकर क्या बड़ा फैसला लिया है?

वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह छूट की अवधि अब 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। दरअसल, सरकार ने 2 अप्रैल को पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आ रही रुकावटों को देखते हुए यह 'अस्थायी और लक्षित राहत' प्रदान की थी। करीब 40 अहम पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर दी गई यह छूट पहले 30 जून को समाप्त होने वाली थी, लेकिन सप्लाई में स्थिरता बनाए रखने के लिए इसे विस्तार दे दिया गया है।

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इस फैसले से किन प्रमुख सेक्टर्स को सीधा फायदा होगा?

इस आयात शुल्क छूट का मुख्य उद्देश्य उन घरेलू उद्योगों को राहत पहुंचाना है, जो कच्चे माल और इंटरमीडिएट्स के तौर पर पेट्रोकेमिकल्स पर निर्भर हैं। सरकार के इस फैसले से निम्नलिखित सेक्टर्स को बड़ी राहत मिलेगी:

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  • प्लास्टिक और पैकेजिंग उद्योग।
  • कपड़ा और फार्मास्युटिकल्स सेक्टर।
  • रसायन और ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स निर्माण।
  • अन्य प्रमुख विनिर्माण सेगमेंट।

मंत्रालय का मानना है कि इस कदम से घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी और डाउनस्ट्रीम सेक्टर्स पर लागत का दबाव कम होगा। साथ ही, इसका फायदा अंतिम उत्पाद का उपयोग करने वाले आम उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।

किन पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर मिल रही है ये छूट?

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि विनिर्माण के लिए जरूरी क्रिटिकल उत्पादों की देश में कोई कमी न हो और सप्लाई की स्थिरता बनी रहे। जिन वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मेथनॉल और एनहाइड्रस अमोनिया।
  • टोल्यूनि और स्टाइरीन।
  • डाइक्लोरोमीथेन और विनाइल क्लोराइड मोनोमर।
  • पॉली ब्यूटाडीन, स्टाइरीन ब्यूटाडीन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन।

पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए कितनी बड़ी चिंता है?

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण मुख्य समुद्री रास्तों पर जो बाधाएं आई हैं, उसने उर्वरकों, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर गहरी चिंताएं पैदा कर दी हैं। यह भारत के लिए विशेष रूप से सतर्क होने का विषय है, क्योंकि देश पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों के लिए आयात पर बहुत अधिक निर्भर है और एक प्रमुख आयातक देश है।

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