CBDT: सरकार ने सीबीटी के अध्यक्ष का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ाया? जानिए क्या है कारण
केंद्र सरकार ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष रवि अग्रवाल का कार्यकाल छह महीने के लिए दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। यह फैसला आयकर विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) के चेयरमैन रवि अग्रवाल का कार्यकाल छह महीने के बढ़ा दिया है। वे दिसंबर 2026 तक पद पर बने रहेंगे। 1988 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी अग्रवाल मंगलवार यानी 30 जून को रिटायर होने वाले थे।
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह पुनर्नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की गई है। यह 1 जुलाई 2026 से या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी होगी। यह निर्णय भर्ती नियमों में छूट देकर लिया गया है। अग्रवाल 1988 बैच के भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी हैं। उन्हें जून 2024 में एक वर्ष के लिए सीबीडीटी प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल जून 2025 में एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया था। सीबीडीटी आयकर विभाग के लिए नीति बनाने वाला प्रमुख निकाय है।
कार्यकाल विस्तार क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विस्तार अग्रवाल को महत्वपूर्ण कर नीतियों और प्रशासनिक कार्यों को जारी रखने का अवसर देगा। इससे आयकर विभाग में स्थिरता बनी रहेगी। सीबीडीटी देश में प्रत्यक्ष करों से संबंधित नीतियों का निर्माण करता है। यह कर संग्रह और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रवि अग्रवाल का अब तक का सफर क्या रहा है?
अग्रवाल ने भारतीय राजस्व सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्हें जून 2024 में सीबीडीटी का प्रमुख बनाया गया था। उनके नेतृत्व में विभाग ने कई सुधार किए हैं। यह उनका तीसरा कार्यकाल विस्तार है, जो उनके अनुभव को दर्शाता है। सीबीडीटी में एक अध्यक्ष और छह सदस्य होते हैं। ये सभी सदस्य विशेष सचिव के पद के होते हैं।