Global Economy: क्या व्यापार झटकों के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार बनी रहेगी? IMF प्रमुख ने क्या कहा,
IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के मुताबिक व्यापार झटकों के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और विकास अनुमान में हल्का सुधार संभव है। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और व्यापार माहौल बिगड़ने से आगे जोखिम बढ़ सकते हैं।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने व्यापार से जुड़े झटकों के बावजूद उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। उन्होंने कहा कि आगे भी विकास काफी मजबूत बना रह सकता है। रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने संकेत दिया कि आईएमएफ अपने आगामी आर्थिक पूर्वानुमानों में वैश्विक विकास दर को मामूली रूप से ऊपर की ओर संशोधित कर सकता है।
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आईएमएफ की अगली आउटलुक कब जारी होगी?
- आईएमएफ अपना वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट 19 जनवरी को जारी करने वाला है।
- इससे पहले अक्तूबर में आईएमएफ ने 2025 के लिए वैश्विक GDP ग्रोथ अनुमान को 3.0% से बढ़ाकर 3.2% किया था।
- वहीं 2026 के लिए 3.1% का अनुमान बरकरार रखा गया था।
- उस समय आकलन किया गया था कि अमेरिकी टैरिफ का असर पहले की आशंका से कम रहा।
जॉर्जीवा ने भू-राजनीतक तनाव और तकनीकी बदलाव को लेकर क्या कहा?
- जॉर्जीवा ने कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था असाधारण रूप से लचीली साबित हुई है। व्यापार झटकों ने वैश्विक विकास को पटरी से नहीं उतारा है। फिलहाल प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन जोखिम अभी भी नीचे की ओर झुके हुए हैं।
- उन्होंने आगाह किया कि भू-राजनीतिक तनाव और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलाव, खासकर एआई में हो रहा भारी निवेश, भविष्य के लिए बड़े जोखिम पैदा कर सकते हैं। अगर एआई में निवेश से अपेक्षित उत्पादकता लाभ नहीं मिला, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है।
- जॉर्जीएवा ने यह भी चिंता जताई कि कई देशों ने संभावित नए झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त वित्तीय भंडार नहीं बनाए हैं। उन्होंने बताया कि IMF के पास फिलहाल 50 ऋण कार्यक्रम चल रहे हैं, जो ऐतिहासिक रूप से ऊंचा स्तर है, और आगे और देशों के मदद मांगने की आशंका है।
ट्रंप के टैरिफ से अमेरिका का आर्थिक प्रदर्शन कैसा रहा?
अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए IMF प्रमुख ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ के बावजूद अमेरिका का आर्थिक प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तविक टैरिफ स्तर शुरुआती धमकियों से कम रहे और अमेरिका वैश्विक व्यापार का केवल 13 से 14% हिस्सा है। अधिकांश देशों ने भी अब तक बड़े पैमाने पर जवाबी टैरिफ नहीं लगाए, जिससे कुल असर सीमित रहा।
व्यापार माहौल बिगड़ने से क्या हो सकता है?
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर व्यापार माहौल और बिगड़ा तो महंगाई और मैक्रोइकॉनॉमिक हालात दोबारा दबाव में आ सकते हैं। जॉर्जीएवा ने कहा कि दुर्भाग्य से, 2019 में पद संभालने के बाद से एक के बाद एक झटके आते रहे हैं।