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Chandigarh News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद
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-पॉक्सो एक्ट के तहत 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने आरोपी युवक अर्श को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा का आदेश दिया।
अदालत को बताया गया कि यह मामला थाना सिटी वन पुलिस से संबंधित है। पीड़िता की मां, जो थाना निहाल सिंह वाला क्षेत्र के एक गांव की निवासी है, ने 19 जून 2024 को पुलिस को बयान दर्ज करवाया था। महिला ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी नौवीं कक्षा की छात्रा है। स्कूल में छुट्टियों के चलते वह मोगा में अपने ननिहाल आई हुई थी। शिकायत के अनुसार 14 जून 2024 को सुबह करीब साढ़े 11 बजे गांव का ही रहने वाला युवक अर्श पीड़िता को बहला-फुसलाकर ननिहाल घर से भगा ले गया। जब काफी देर तक बच्ची वापस नहीं लौटी तो परिवार ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
कोर्ट ने कहर- नरमी नहीं बरती जा सकती
पुलिस ने पीड़िता की मां के बयान के आधार पर आरोपी अर्श के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366ए, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों में दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोगा। नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने आरोपी युवक अर्श को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा का आदेश दिया।
अदालत को बताया गया कि यह मामला थाना सिटी वन पुलिस से संबंधित है। पीड़िता की मां, जो थाना निहाल सिंह वाला क्षेत्र के एक गांव की निवासी है, ने 19 जून 2024 को पुलिस को बयान दर्ज करवाया था। महिला ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी नौवीं कक्षा की छात्रा है। स्कूल में छुट्टियों के चलते वह मोगा में अपने ननिहाल आई हुई थी। शिकायत के अनुसार 14 जून 2024 को सुबह करीब साढ़े 11 बजे गांव का ही रहने वाला युवक अर्श पीड़िता को बहला-फुसलाकर ननिहाल घर से भगा ले गया। जब काफी देर तक बच्ची वापस नहीं लौटी तो परिवार ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
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कोर्ट ने कहर- नरमी नहीं बरती जा सकती
पुलिस ने पीड़िता की मां के बयान के आधार पर आरोपी अर्श के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366ए, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। एडिशनल सेशन जज की अदालत ने आरोपी को सभी आरोपों में दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
