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Hisar News: छह साल पुराने जाट आरक्षण आंदोलन मामले में सात आरोपी बरी, सड़क मार्ग को जाम करने का था आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 29 Sep 2022 01:13 PM IST
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सार
अदालत ने आजाद नगर निवासी एडवोकेट प्रवीन ढांडा, जय सिंह, सुरेश, नवीन, विजेंद्र, प्रमोद और नवीन को बरी किया है। करीब साढ़े छह साल पहले हिसार-सिवानी मार्ग को जाम करने का आरोप था।
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
हरियाणा के हिसार में जाट आरक्षण आंदोलन मामले में न्यायिक दंडाधिकारी अंतरप्रीत सिंह कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। साढ़े छह साल बाद कोर्ट ने सात आरोपियों को आरोपों से बरी कर दिया है। इन पर आंदोलन के दौरान हिसार-सिवानी राजमार्ग जाम करने का आरोप था।
अदालत ने आजाद नगर निवासी एडवोकेट प्रवीन ढांडा, जय सिंह, सुरेश, नवीन, विजेंद्र, प्रमोद और नवीन को बरी किया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी सतीश को अदालत ने 8 फरवरी 2018 को भगोड़ा घोषित किया था। इस संबंध में आजाद नगर थाना पुलिस ने 19 फरवरी 2016 को रास्ता रोकने के बारे में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि उपरोक्त व्यक्तियों ने सीआर लॉ कॉलेज के विद्यार्थियों और करीब 90 अन्य लोगों के साथ मिलकर सिवानी-हिसार मार्ग पर जाम लगाया हुआ है।
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गवाह क्रॉस एक्जामिनेशन में आरोपियों को नहीं पहचान पाए
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने अपनी गवाही के दौरान आरोपियों की पहचान भी की, लेकिन क्रॉस एक्जामिनेशन के दौरान कहा कि अदालत में मौजूद आरोपियों को वह उनके नाम से नहीं जानता। साथ ही माना कि घटना की फोटो में उक्त आरोपी नहीं हैं।
इसी प्रकार एएसआई जगबीर सिंह ने कहा कि सब इंस्पेक्टर युद्धवीर ने आरोपियों के नाम और पते दिए थे और आठ-दस आरोपियों की पहचान फोटोग्राफर रविंद्र द्वारा प्रदान की गई फोटो से की। इसके साथ ही उन्होंने अदालत में मौजूद आरोपियों की पहचान की। साथ ही कहा कि वह इनको व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानता है।