{"_id":"6ae3ac8e8e17041e9b03295c","slug":"pudf-vice-president-protest-outside-the-dsw-office-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1162429-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: डीएसडब्ल्यू कार्यालय के बाहर पीयूडीएफ उपाध्यक्ष का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: डीएसडब्ल्यू कार्यालय के बाहर पीयूडीएफ उपाध्यक्ष का प्रदर्शन
विज्ञापन
विद्यार्थियों बोले-पीयू में एक संगठन के लिए हो रहा काम, बाकी के मुद्दे लंबित
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल के उपाध्यक्ष और पीयूडीएफ सदस्य अरमान सिंह भिंडर और ज्वाइंट सेक्रेटरी विशाल बमल ने डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने पीयू प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में केवल एक छात्र संगठन के लिए काम हो रहा है, जबकि दूसरे छात्र संगठनों के मुद्दे लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पीयू में आरएसएस की शाखाएं लग रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी यूनिवर्सिटी में बात नहीं होती। इन मामलों का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और उनके साथ मारपीट तक होती है।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने डीएसडब्ल्यू को मांगपत्र सौंपकर विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की मांग की। इसमें आरएसएस की शाखा लगाने, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, चुनाव में शिक्षकों की कथित भूमिका, हॉस्टल के कमरों के आवंटन में पक्षपात, हॉस्टल वार्डन पर पक्षपात करने के आरोप और स्टूडेंट सेंटर पर डिस्पोजल के निपटारे का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा स्टूडेंट सेंटर की दुकानों के रेट, यूएमसी के नियमों, ऑडिटोरियम की बुकिंग और डांडिया नाइट के लिए स्टॉल लगाने की अनुमति से जुड़े मामलों को भी उठाया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल के उपाध्यक्ष और पीयूडीएफ सदस्य अरमान सिंह भिंडर और ज्वाइंट सेक्रेटरी विशाल बमल ने डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने पीयू प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में केवल एक छात्र संगठन के लिए काम हो रहा है, जबकि दूसरे छात्र संगठनों के मुद्दे लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पीयू में आरएसएस की शाखाएं लग रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी यूनिवर्सिटी में बात नहीं होती। इन मामलों का विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है और उनके साथ मारपीट तक होती है।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने डीएसडब्ल्यू को मांगपत्र सौंपकर विभिन्न समस्याओं का समाधान करने की मांग की। इसमें आरएसएस की शाखा लगाने, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, चुनाव में शिक्षकों की कथित भूमिका, हॉस्टल के कमरों के आवंटन में पक्षपात, हॉस्टल वार्डन पर पक्षपात करने के आरोप और स्टूडेंट सेंटर पर डिस्पोजल के निपटारे का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा स्टूडेंट सेंटर की दुकानों के रेट, यूएमसी के नियमों, ऑडिटोरियम की बुकिंग और डांडिया नाइट के लिए स्टॉल लगाने की अनुमति से जुड़े मामलों को भी उठाया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
विज्ञापन