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Chandigarh News: एनकाउंटर के बाद एंबुलेंस किराये पर पंजाब-हरियाणा पुलिस में तकरार, पीजीआई पुलिस चौकी कर्मियों ने किया भुगतान
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चंडीगढ़। सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एनकाउंटर के बाद घायल आरोपियों को पीजीआई से हरियाणा ले जाने के लिए एंबुलेंस के किराये को लेकर पंजाब और हरियाणा पुलिस के बीच तकरार हो गई।
स्थिति ऐसी बन गई कि दोनों ही राज्यों की पुलिस ने 3800 रुपये का किराया देने से इन्कार कर दिया। आखिरकार पीजीआई पुलिस चौकी के कर्मचारियों ने आपस में पैसे इकट्ठे कर एंबुलेंस का भुगतान किया। बीते 18 मार्च को चिन्नी की हत्या के बाद पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने हरियाणा के कैथल में मुठभेड़ के बाद दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी थी जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
इलाज के बाद जब हरियाणा पुलिस आरोपियों को वापस ले जाने लगी तो एंबुलेंस मंगाई गई। चालक ने 3800 रुपये किराया मांगा लेकिन हरियाणा पुलिस ने यह कहकर भुगतान से इन्कार कर दिया कि ऑपरेशन का पूरा खर्च पहले ही उठाया जा चुका है। वहीं, पंजाब पुलिस का कहना था कि मामला कैथल में दर्ज हुआ है इसलिए किराया हरियाणा पुलिस को देना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के संबंधित अधिकारी से बता की गई तो उन्होंने भी किराया देने इन्कार कर दिया।
दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही लेकिन कोई भी भुगतान के लिए तैयार नहीं हुआ। मामला चंडीगढ़ पुलिस तक भी पहुंचा लेकिन वहां से भी कोई समाधान नहीं निकला। इस दौरान एंबुलेंस काफी देर तक खड़ी रही और आरोपी वहीं इंतजार करते रहे। स्थिति को संभालते हुए पीजीआई पुलिस चौकी के कर्मचारियों ने पहल की और आपस में 200-200 रुपये इकट्ठे कर किराया चुकाया। इसके बाद ही आरोपियों को एंबुलेंस के जरिए हरियाणा ले जाया जा सका।
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स्थिति ऐसी बन गई कि दोनों ही राज्यों की पुलिस ने 3800 रुपये का किराया देने से इन्कार कर दिया। आखिरकार पीजीआई पुलिस चौकी के कर्मचारियों ने आपस में पैसे इकट्ठे कर एंबुलेंस का भुगतान किया। बीते 18 मार्च को चिन्नी की हत्या के बाद पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने हरियाणा के कैथल में मुठभेड़ के बाद दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी थी जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया।
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इलाज के बाद जब हरियाणा पुलिस आरोपियों को वापस ले जाने लगी तो एंबुलेंस मंगाई गई। चालक ने 3800 रुपये किराया मांगा लेकिन हरियाणा पुलिस ने यह कहकर भुगतान से इन्कार कर दिया कि ऑपरेशन का पूरा खर्च पहले ही उठाया जा चुका है। वहीं, पंजाब पुलिस का कहना था कि मामला कैथल में दर्ज हुआ है इसलिए किराया हरियाणा पुलिस को देना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के संबंधित अधिकारी से बता की गई तो उन्होंने भी किराया देने इन्कार कर दिया।
दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही लेकिन कोई भी भुगतान के लिए तैयार नहीं हुआ। मामला चंडीगढ़ पुलिस तक भी पहुंचा लेकिन वहां से भी कोई समाधान नहीं निकला। इस दौरान एंबुलेंस काफी देर तक खड़ी रही और आरोपी वहीं इंतजार करते रहे। स्थिति को संभालते हुए पीजीआई पुलिस चौकी के कर्मचारियों ने पहल की और आपस में 200-200 रुपये इकट्ठे कर किराया चुकाया। इसके बाद ही आरोपियों को एंबुलेंस के जरिए हरियाणा ले जाया जा सका।