बिलासपुर में 17 किलो सोना, हीरों का हार और भारी मात्रा में कैश जब्त: विवेक अग्रवाल के यहां 22 घंटे तक चली जांच
ED Raids in Chhattisgarh: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और दुर्ग में बड़ी कार्रवाई की है।
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ED Raids in Chhattisgarh: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और दुर्ग में बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर में फरार आरोपी विकास अग्रवाल के भाई विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर मारी गई रेड में 17 किलो सोना बरामद हुआ है। इसके साथ ही सोना, हीरों का हार और भारी मात्रा में कैश जब्त किया गया है। हालांकि ईडी ने अभी तक अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। गुरुवार सुबह से शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक चली। इसमें टीम ने करोड़ों की संपत्ति और दस्तावेज खंगाले।
घर के सभी एंट्री गेट सील
ईडी ने अग्रवाल के मैग्नेटो मॉल स्थित निवास पहुंची अधिकारियों ने घर के सभी एंट्री गेट को सील कर दिया और सुरक्षा के लिहाज से सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। घर के भीतर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच पड़ताल होती रही। अग्रवाल के सदर बाजार स्थित श्रीराम ज्वेलर्स भी टीम पहुंची। यहां दुकान के स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। बड़े सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल का मध्य नगरी चौक में श्रीराम ज्वेलर्स के नाम से ज्वेलरी शॉप है।
बीजेपी नेता चतुर्भुज राठी के निवास और ऑफिस पर छापा
ईडी ने दुर्ग में ‘अमर इंफ्रा’ के संचालक और बीजेपी नेता चतुर्भुज राठी के निवास और ऑफिस पर छापा मारा, जहां उनकी आधा दर्जन फर्मों के वित्तीय रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। इसके अलावा भिलाई-3 में गोविंद मंडल के घर और फैक्ट्री में भी टीम ने पहुंचकर जांच पड़ताल की।
विकास अग्रवाल सिंडिकेट में शामिल
बता दें कि शराब घोटाले का सिंडिकेट बनाने वाले कारोबारी अनवर ढेबर ने अपने बेहद करीबी विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू को भी सिंडिकेट में शामिल किया था। कमीशन के इन पैसों को अनवर विकास अग्रवाल और उसके भाई विवेक अग्रवाल की मदद से लेता था। विकास अग्रवाल और विवेक अग्रवाल शराब दुकानों से पैसा वसूलने का काम करते थे। विवेक अग्रवाल का बिलासपुर में ज्वेलरी का कारोबार है। उसका भाई दो हजार करोड़ के शराब घोटाले के सिंडिकेट का मेंबर विकास अग्रवाल फिलहाल फरार है, जिसकी पतासाजी में पुलिस और ईडी की टीम जुटी है। कोर्ट ने इस वजह से उसे वांटेड घोषित कर रखा है।
अधिकारियों की नजर बेनामी संपत्तियों और ज्वेलरी पर
इस पूरी रेड का सबसे बड़ा लिंक विवेक अग्रवाल के भाई विकास अग्रवाल से जुड़ा है। विकास अग्रवाल शराब घोटाले के सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। विकास पर आरोप है कि वह इस घोटाले के नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। ईडी को आशंका है कि फरार विकास अग्रवाल के निवेश और वित्तीय लेन-देन का हिसाब उसके भाई विवेक अग्रवाल के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में छिपा हो सकता है। अधिकारियों की नजर अब उन बेनामी संपत्तियों और ज्वेलरी निवेश पर है, जो पिछले कुछ वर्षों के भीतर किए गए हैं।
सिंडिकेट से जुड़े तार खंगाल रही ईडी
बताया जाता है कि यह कार्रवाई शराब घोटाले के फरार आरोपी विकास अग्रवाल के सिंडिकेट से जुड़े तार खंगालने के लिए हो रही है। चर्चा यह भी है कि यह मामला भारतमाला परियोजना से भी जुड़ा है।
कौन हैं चतुर्भुज राठी?
बता दें कि बीजेपी नेता चतुर्भुज राठी अमर इंफ्रा के संचालक हैं। हाल ही में उनके कोयला कारोबार में भी उतरने की बात कही जा रही है। चतुर्भुज राठी ने साल 1986 में अमर बिल्डर्स को एकल स्वामित्व के रूप में कंपनी की नींव रखी। अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया और देशभर में बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।
