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CG: धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर विपक्ष की आपत्ति; सदन से बहिष्कार, गृहमंत्री बोले- ये बहिष्कार नहीं पलायन है
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 20 Mar 2026 06:02 PM IST
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सार
CG Budget Session 2026: गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पेश किया। जिसे पारित भी कर दिया गया है।
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- फोटो : CG News
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विस्तार
CG Assembly Budget Session 2026: गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पेश किया। जिसे पारित भी कर दिया गया है। विपक्ष ने ऐसे मामलों को सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने की बात कहते हुए विधेयक को सदन की प्रवर समिति को सौंपने की बात कही। विपक्ष ने आसंदी के प्रस्ताव को खारिज करने पर चर्चा में भाग लेने से इंकार करते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधेयक पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि 11 राज्यों के ऐसे ही मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, ऐसे में इस पर चर्चा नही होनी चाहिए। विधेयक को विधानसभा की प्रवर समिति को सौंपना चाहिए। इस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है, विधि सम्मत विधेयक ही लाया गया है।
आसंदी ने नेता प्रतिपक्ष के आपत्ति को खारिज कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने आज दिनभर की सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि जब भी कोई गंभीर चर्चा होती है तो विपक्ष के लोग बहिर्गमन करके चले जाते हैं। इसे पलायन कहा जाना चाहिए। उनको आदिवासी समाज की पीड़ा से मतलब नहीं है। ये पलायन है पलायन। सत्तापक्ष के विधायकों ने विपक्ष के इस रवैये पर नारे लगाये। वहीं विपक्ष के विधायक भी नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार किया।
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गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से कहीं कोई स्टे नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि इस पर नये कानून नहीं बनाये जाए। राज्य सरकार चाहे तो कानून बना सकती है। प्रवर समिति को दिए जाने के लिए फीडबैक लिए गए हैं। हम सब को विधेयक पर सहमत होकर आगे बढ़ना चाहिए न कि विरोध करना चाहिये।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधेयक पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि 11 राज्यों के ऐसे ही मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, ऐसे में इस पर चर्चा नही होनी चाहिए। विधेयक को विधानसभा की प्रवर समिति को सौंपना चाहिए। इस पर बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कहीं कोई दिक्कत नहीं है, विधि सम्मत विधेयक ही लाया गया है।
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आसंदी ने नेता प्रतिपक्ष के आपत्ति को खारिज कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने आज दिनभर की सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि जब भी कोई गंभीर चर्चा होती है तो विपक्ष के लोग बहिर्गमन करके चले जाते हैं। इसे पलायन कहा जाना चाहिए। उनको आदिवासी समाज की पीड़ा से मतलब नहीं है। ये पलायन है पलायन। सत्तापक्ष के विधायकों ने विपक्ष के इस रवैये पर नारे लगाये। वहीं विपक्ष के विधायक भी नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार किया।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से कहीं कोई स्टे नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं कहा है कि इस पर नये कानून नहीं बनाये जाए। राज्य सरकार चाहे तो कानून बना सकती है। प्रवर समिति को दिए जाने के लिए फीडबैक लिए गए हैं। हम सब को विधेयक पर सहमत होकर आगे बढ़ना चाहिए न कि विरोध करना चाहिये।