फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   World Forestry Day: Kedar Kashyap States—Continuous Efforts Essential for Forest Conservation

विश्व वानिकी दिवस: मंत्री कश्यप बोले-वनों के संरक्षण के लिये निरंतर प्रयास जरूरी, पहली रामसर साइट बड़ी उपलब्धि

Mon, 23 Mar 2026 05:47 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Mon, 23 Mar 2026 05:47 PM IST
सार

World Forestry Day 2026: हर साल की तरह विश्व वानिकी दिवस पर वन विभाग और विभिन्न संगठनों की तरफ से वन संरक्षण,वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गई।

विज्ञापन
World Forestry Day: Kedar Kashyap States—Continuous Efforts Essential for Forest Conservation
विश्व वानिकी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : CG News

विस्तार

World Forestry Day 2026: हर साल की तरह विश्व वानिकी दिवस पर वन विभाग और विभिन्न संगठनों की तरफ से वन संरक्षण,वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। 

विज्ञापन



उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।
विज्ञापन



विश्व वानिकी दिवस पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दें ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। 


कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव शेयर किये।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed