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ग्राउंड रिपोर्ट: भाठागांव-काठाडीह सड़क बदहाल; धूल से व्यापारी-राहगीर परेशान,20 माह में भी नहीं बनी 2 किमी सड़क
सार
भाठागांव-काठाडीह सड़क बदहाल: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सड़कों का बुरा हाल है। कई सड़क जर्जर और गड्ढ़ों में तब्दील होती जा रही हैं। भाठागांव से काठाडीह-दतरेंगा सड़क का हाल बहुत ही बुरा है। इस रोड पर लोग आने से कतराते हैं। 20 महीने के बावजूद रायपुर नगर निगम भाठागांव से काठाडीह मोड़ तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क नहीं बनवा पाया है।
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ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
भाठागांव-काठाडीह सड़क बदहाल: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सड़कों का बुरा हाल है। कई सड़क जर्जर और गड्ढ़ों में तब्दील होती जा रही हैं। भाठागांव से काठाडीह-दतरेंगा सड़क का हाल बहुत ही बुरा है। इस रोड पर लोग आने से कतराते हैं। 20 महीने के बावजूद रायपुर नगर निगम भाठागांव से काठाडीह मोड़ तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क नहीं बनवा पाया है। करीब साढ़े तीन करोड़ की यह सड़क अभी तक अधूरी और जर्जर है।
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इन गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क
इस रोड से महादेवघाट, काठाडीह, दतरेंगा, खुड़मुड़ा, खुड़मुड़ी, घुघुवा, झींट, कापसी, अम्लेश्वर, कोपेडीड आदि गांवों के लोग राजधानी आना जाना करते हैं। यह रायपुर को महादेवघाट से जोड़ने वाली प्रमुख रोड है, जिस पर महादेवघाट कॉरिडोर भी प्रस्तावित है। इस सड़क की बात करें तो एक तरफ डामरीकरण हो चुका है, तो दूसरी तरफ केवल बजरी और गिट्टी बिछाकर छोड़ दिया गया है। इस वजह से सड़क चलना दुभर हो गया है। गड्डों के कारण एक किलोमीटर का सफर तय करने में 20 मिनट लग रहे हैं। शाम को धूल से दुकानें भर जाती हैं। इस रास्ते से काठाडीह स्थित पत्रकारिता विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक-प्रोफेसर रायपुर से आना-जाना करते हैं। उन्हें भी भारी परेशानी हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि धूल के कारण ग्राहक दुकानों में नहीं आ रहे हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
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इस सड़क को लेकर दिसंबर 2024 में रायपुर नगर निगम ने टेंडर जारी किया था। फरवरी 2025 में वर्कऑर्डर दिया गया। निर्माण की अवधि 12 महीने थी। वहीं एक महीने का मोबिलाइजेशन पीरियड भी तय था। इस हिसाब से मार्च 2026 तक सड़क कंप्लीट हो जानी थी। इस निर्माण में देरी पर विधायक सुनील सोनी ने नाराजगी जताते हुए मार्च तक काम पूरा करने की चेतावनी दी थी। इतना ही नहीं निगम भी ठेकेदार को दो बार नोटिस पकड़ा चुका है। तीन दिन में डामरीकरण शुरू नहीं करने पर टेंडर शर्तों के अनुसार कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
धूल और जाम ने बढ़ाई परेशानी
काठाडीह मोड़ से भाठागांव चौक तक गड्डों और सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री के कारण कछुए की चाल से वाहन गुजरते हैं। करीब दो किमी का सफर तय करने में 30 मिनट से ज्यादा समय लग रहे हैं। दबाव बढ़ने पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है। बड़ी गाड़ियों के गुजरने से धूल के गुबार से चलना मुश्किल हो जाता हैं। आमने-सामने देखना मुश्किल हो जाता है। आसपास की दुकानें धूल से भर जाती है। इससे दुकानदार के साथ ही राहगीर भी भारी परेशान है।
विधायक और महापौर कर चुके हैं निरीक्षण
विधायक सुनील सोनी और तत्कालीन निगम आयुक्त विश्वदीप इस सड़क का निरीक्षण कर चुके हैं। विधायक मार्च तक सड़क पूरी करने के निर्देश दिए थे। फटकार लगाते हुए दो शिफ्ट में काम कराते हुए 31 मार्च तक सड़क पूरी करने के निर्देश दिये थे। महापौर मीनल चौबे ने निर्माण का जायजा लेकर निर्देश दिये थे। तय समय में सड़क पूरी नहीं हो पाई है।
नगर निगम ने दी थी कार्रवाई की चेतावनी
इस संबंध में नगर निगम ने 18 फरवरी 2026 को ठेकेदार को नोटिस देकर निर्माण तेज करने के निर्देश दिए थे। काम में तेजी नहीं आने पर कार्यपालन अभियंता ने मेसर्स नरेश एंड कंपनी को तीन दिन में डामरीकरण शुरू करने का दूसरा नोटिस दिया। तय अवधि में काम शुरू नहीं होने पर टेंडर शर्तों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। सड़क अधूरी है।
इनका कहना है-
इस सड़क को लेकर स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दुकान खोलते ही धूल-मिट्टी से दुकान भर जाती है। शाम को बड़ी गाड़ियों के आने-जाने से धूल उड़ती है, इससे साफ दिखाई भी नहीं देता है। पिछले डेढ़ साल से लोग परेशान है। धूल की वजह से सांस लेने में दिक्कत होती है। सड़क अधूरी होने के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। धूल-मिट्टी के कारण ग्राहक दुकान पर आना पसंद नहीं करते हैं। इस वजह से व्यापार मंदा है।
इस मामले में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि भाठागांव सड़क निर्माण नहीं होने से लोग परेशान हैं। कई बार ठेकेदार को नोटिस दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। अफसरों की लापरवाही की वजह से ठेकेदार का मन बढ़ा हुआ है।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने कहा कि काठाडीह सड़क का काम बारिश की वजह से रुका था। अब बेस का काम शुरू हो गया है। जल्द ही ठेका एजेंसी काम शुरू करेगी।