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Bijapur News: 22 साल की मनीषा नायक बनी आत्मनिर्भर, लोन से शुरू की राइस मिल; ग्रामीणों को मिल रहा लाभ
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: बीजापुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2026 06:13 PM IST
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सार
बीजापुर में सीमित संसाधनों और बेरोजगारी की चुनौतियों से जूझ रही 22 वर्षीय मनीषा नायक ने हार नहीं मानी और पीएमएफएमई योजना के तहत 2.70 लाख रुपये के ऋण से राइस मिल स्थापित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
आत्मनिर्भर मनीषा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
22 वर्षीय मनीषा नायक ने सीमित संसाधनों और बेरोजगारी के बावजूद सफलता हासिल की है। उन्होंने सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति से यह साबित किया। आज वे एक सफल राइस मिल संचालक के रूप में आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
मनीषा का जीवन शुरुआत में संघर्षों से भरा रहा। पढ़ाई के बाद उन्हें लंबे समय तक कोई स्थायी रोजगार नहीं मिला। लगातार प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिली। इससे मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता बढ़ी। परिवार की साधारण आर्थिक स्थिति के कारण आत्मनिर्भर बनना बड़ी चुनौती थी।
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उन्होंने हार मानने के बजाय समाधान खोजने का निर्णय लिया। उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना की जानकारी मिली। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें योजना के बारे में समझाया। इस जानकारी ने मनीषा में नया आत्मविश्वास जगाया।
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राइस मिल की स्थापना और ग्रामीण को रोजगार
विभाग के सहयोग से मनीषा ने भारतीय स्टेट बैंक की भैरमगढ़ शाखा में ऋण के लिए आवेदन किया। उन्हें 2,70,000 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने क्षेत्र में राइस मिल स्थापित की। यह पहल ग्रामीणों के लिए भी बहुत लाभकारी सिद्ध हुई। पहले उन्हें धान से चावल निकलवाने दूर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे की हानि होती थी।
मनीषा अब धान से चावल निकालकर ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है। वे धान की भूसी और चोकर भी बेचती हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। उनका छोटा व्यवसाय उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है। मनीषा आर्थिक रूप से मजबूत बनी हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।