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बिलासपुर: सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा दिलाने का झांसा देकर किसान से 6 लाख रुपये की ठगी
Thu, 24 Sep 2026 05:18 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 24 Sep 2026 05:18 PM IST
सार
जिले के कोटा थाना क्षेत्र में सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा सस्ते में दिलाने का झांसा देकर एक किसान से छह लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा सस्ते में दिलाने का झांसा देकर एक किसान से छह लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर पीड़ित की कार रुकवाई और गहनों से भरी बोरी जब्त करने का नाटक कर वारदात को अंजाम दिया। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंगेली जिले के ग्राम गाड़ाघाट निवासी किसान विष्णु बघेल 25 अगस्त को तखतपुर के बकरी बाजार गए थे। वहां उनकी मुलाकात अपने परिचित पालन स्रोत से हुई। बातचीत के दौरान पालन ने बताया कि उसके परिचित को सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा मिला है। उसने विष्णु को बहुत कम कीमत में गहने दिलाने का लालच दिया।
घड़े की कीमत बताई20 लाख रुपये
किसान विष्णु ने इसकी जानकारी अपने भांजे धनेश पात्रे को दी। इसके बाद दोनों ने पालन से संपर्क किया। 30 अगस्त को पालन और संजय पनिक के साथ विष्णु और उनका भांजा कुरदर के पास एक गांव में बलराम यादव के घर पहुंचे। वहां आरोपियों ने उन्हें गहनों से भरा घड़ा दिखाया। उसी दौरान पसउ बैगा भी वहां पहुंच गया। ठगों ने शुरुआत में घड़े की कीमत 20 लाख रुपये बताई। बातचीत के बाद सौदा 12 लाख रुपये में तय हुआ। तय शर्त के अनुसार छह लाख रुपये 31 अगस्त को और बाकी छह लाख रुपये गहने मिलने के एक सप्ताह बाद देना तय हुआ।
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फर्जी पुलिसकर्मियों ने रास्ते में रोका
31 अगस्त की रात विष्णु और उनका भांजा कार में छह लाख रुपये लेकर कुरदर पहुंचे। कोटा नाका चौक के पास उन्हें पालन, पसउ बैगा और संजय पनिक मिले। सभी मिलकर बलराम यादव के घर पहुंचे। रात लगभग 11 बजे विष्णु ने छह लाख रुपये पालन को सौंप दिए। इसके बाद वे गहनों से भरी बोरी कार में रखकर निकले। सेमरिया गांव के पास पुलिस की वर्दी पहने दो लोगों ने कार रोक ली। इनमें से एक व्यक्ति के कंधे पर तीन स्टार लगे थे। दोनों ने तलाशी ली, फोटो खींचे और चले गए।
चाय दुकान पर हुई आरोपी की पहचान
आगे जाकर पालन ने बीमारी और पसउ ने मोबाइल गुम होने का बहाना बनाया और कार से उतर गए। विष्णु के पूछने पर पालन ने बताया कि पुलिस ने बोरी जब्त कर ली है। इसके बाद आरोपियों के फोन बंद हो गए। दो दिन बाद आरोपियों ने कहा कि सामान जब्त हो चुका है, इसलिए अब न पैसे मिलेंगे न गहने। बाद में रकम लौटाने का झांसा मिलने से विष्णु ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। छह सितंबर को विष्णु ने मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास एक चाय दुकान पर तीन स्टार वाले फर्जी पुलिसकर्मी लोकेश राजपूत को देखा। इसके बाद पीड़ित ने कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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मुंगेली जिले के ग्राम गाड़ाघाट निवासी किसान विष्णु बघेल 25 अगस्त को तखतपुर के बकरी बाजार गए थे। वहां उनकी मुलाकात अपने परिचित पालन स्रोत से हुई। बातचीत के दौरान पालन ने बताया कि उसके परिचित को सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा मिला है। उसने विष्णु को बहुत कम कीमत में गहने दिलाने का लालच दिया।
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घड़े की कीमत बताई20 लाख रुपये
किसान विष्णु ने इसकी जानकारी अपने भांजे धनेश पात्रे को दी। इसके बाद दोनों ने पालन से संपर्क किया। 30 अगस्त को पालन और संजय पनिक के साथ विष्णु और उनका भांजा कुरदर के पास एक गांव में बलराम यादव के घर पहुंचे। वहां आरोपियों ने उन्हें गहनों से भरा घड़ा दिखाया। उसी दौरान पसउ बैगा भी वहां पहुंच गया। ठगों ने शुरुआत में घड़े की कीमत 20 लाख रुपये बताई। बातचीत के बाद सौदा 12 लाख रुपये में तय हुआ। तय शर्त के अनुसार छह लाख रुपये 31 अगस्त को और बाकी छह लाख रुपये गहने मिलने के एक सप्ताह बाद देना तय हुआ।
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फर्जी पुलिसकर्मियों ने रास्ते में रोका
31 अगस्त की रात विष्णु और उनका भांजा कार में छह लाख रुपये लेकर कुरदर पहुंचे। कोटा नाका चौक के पास उन्हें पालन, पसउ बैगा और संजय पनिक मिले। सभी मिलकर बलराम यादव के घर पहुंचे। रात लगभग 11 बजे विष्णु ने छह लाख रुपये पालन को सौंप दिए। इसके बाद वे गहनों से भरी बोरी कार में रखकर निकले। सेमरिया गांव के पास पुलिस की वर्दी पहने दो लोगों ने कार रोक ली। इनमें से एक व्यक्ति के कंधे पर तीन स्टार लगे थे। दोनों ने तलाशी ली, फोटो खींचे और चले गए।
चाय दुकान पर हुई आरोपी की पहचान
आगे जाकर पालन ने बीमारी और पसउ ने मोबाइल गुम होने का बहाना बनाया और कार से उतर गए। विष्णु के पूछने पर पालन ने बताया कि पुलिस ने बोरी जब्त कर ली है। इसके बाद आरोपियों के फोन बंद हो गए। दो दिन बाद आरोपियों ने कहा कि सामान जब्त हो चुका है, इसलिए अब न पैसे मिलेंगे न गहने। बाद में रकम लौटाने का झांसा मिलने से विष्णु ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। छह सितंबर को विष्णु ने मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास एक चाय दुकान पर तीन स्टार वाले फर्जी पुलिसकर्मी लोकेश राजपूत को देखा। इसके बाद पीड़ित ने कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई।