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19 साल से बिलासपुर में रह रहा था संदिग्ध बांग्लादेशी:एसटीएफ की दबिश में पकड़ा गया,फर्जी दस्तावेज मिलने का दावा
Thu, 24 Sep 2026 07:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 07:15 PM IST
सार
एसटीएफ ने संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक अतीक हुसैन को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, वह करीब 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था। उसके पास कई भारतीय दस्तावेज मिले हैं, जिनके गलत तरीके से बनवाए जाने का दावा किया गया है।
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संदिग्ध बंग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच बिलासपुर में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ और जिला विशेष शाखा की संयुक्त टीम ने सरकंडा क्षेत्र की सूर्या विहार कॉलोनी में दबिश देकर अतीक हुसैन को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, अतीक पिछले करीब 19 साल से बिलासपुर में रह रहा था और सीपत एनटीपीसी में लिफ्ट मेंटेनेंस का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद कुछ व्यक्तियों को रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। इसी दौरान अतीक वहां से फरार हो गया था। इसके बाद एसटीएफ और जिला विशेष शाखा उसकी तलाश में जुट गई थीं।
रेकी के बाद किराए के मकान में दबिश
पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और रेकी के बाद 24 सितंबर को सरकंडा स्थित उसके किराए के मकान की जानकारी जुटाई। इसके बाद संयुक्त टीम ने दबिश देकर अतीक को हिरासत में ले लिया।
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पूछताछ में अतीक ने पुलिस को अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया। पुलिस के अनुसार, उसने वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आने और 2005 से 2007 के बीच तमिलनाडु में रहने की जानकारी दी। इसके बाद वह बिलासपुर आकर रहने लगा था।
कई भारतीय दस्तावेज बरामद
पुलिस के मुताबिक, अतीक के कब्जे से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि इनमें से कई दस्तावेज गलत तरीके से बनवाए गए थे। इन दस्तावेजों की वैधता और उन्हें तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने अतीक को आगे की कार्रवाई के लिए रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही उसे बांग्लादेश भेजने यानी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल पुलिस उसके भारत में आने, यहां रहने, दस्तावेज हासिल करने और पूर्व में होल्डिंग सेंटर से फरार होने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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पुलिस के अनुसार, करीब 20 दिन पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में संदिग्ध लोगों से पूछताछ के बाद कुछ व्यक्तियों को रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। इसी दौरान अतीक वहां से फरार हो गया था। इसके बाद एसटीएफ और जिला विशेष शाखा उसकी तलाश में जुट गई थीं।
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रेकी के बाद किराए के मकान में दबिश
पुलिस टीम ने लगातार निगरानी और रेकी के बाद 24 सितंबर को सरकंडा स्थित उसके किराए के मकान की जानकारी जुटाई। इसके बाद संयुक्त टीम ने दबिश देकर अतीक को हिरासत में ले लिया।
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पूछताछ में अतीक ने पुलिस को अपना मूल पता बांग्लादेश के नारायणगंज जिले का बताया। पुलिस के अनुसार, उसने वर्ष 2005 में बांग्लादेश से भारत आने और 2005 से 2007 के बीच तमिलनाडु में रहने की जानकारी दी। इसके बाद वह बिलासपुर आकर रहने लगा था।
कई भारतीय दस्तावेज बरामद
पुलिस के मुताबिक, अतीक के कब्जे से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और नौवीं कक्षा की अंकसूची समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि इनमें से कई दस्तावेज गलत तरीके से बनवाए गए थे। इन दस्तावेजों की वैधता और उन्हें तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने अतीक को आगे की कार्रवाई के लिए रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही उसे बांग्लादेश भेजने यानी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल पुलिस उसके भारत में आने, यहां रहने, दस्तावेज हासिल करने और पूर्व में होल्डिंग सेंटर से फरार होने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।