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Chhattisgarh: : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- गुड गवर्नेंस का असर जमीन पर दिखना चाहिए, सिर्फ फाइलों में नहीं
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 11 Jan 2026 12:58 PM IST
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सार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का मतलब केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में और अधिकारियों के कामकाज में साफ नजर आना चाहिए।
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि सुशासन का मतलब केवल कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में और अधिकारियों के कामकाज में साफ नजर आना चाहिए। वे नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए राज्य के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, भुगतान, मजदूरी और प्रगति की जानकारी अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम में सुशासन और नवाचार के लिए 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पुरस्कारों से अच्छा काम करने वाले अधिकारी और जिले प्रोत्साहित होते हैं। आने वाले समय में यह पुरस्कार 8 अलग-अलग श्रेणियों में दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह है कि अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं बिना भटके पहुंचें। अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सेवाएं एक ही जगह मिल रही हैं। ई-प्रगति पोर्टल से योजनाओं की निगरानी और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन कर योजनाओं के बेहतर समन्वय पर काम किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल और प्रभावी हुई है।
मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्री विभाग में किए गए सुधारों, नई औद्योगिक नीति के तहत मिले निवेश प्रस्तावों और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की भी जानकारी दी। साथ ही शिक्षा विभाग के विद्या समीक्षा केंद्र और पंचायत विभाग की QR कोड आधारित व्यवस्था को सुशासन के सफल उदाहरण बताया।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए राज्य के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, भुगतान, मजदूरी और प्रगति की जानकारी अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचेगी, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होगी।
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कार्यक्रम में सुशासन और नवाचार के लिए 5 विभागों और 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पुरस्कारों से अच्छा काम करने वाले अधिकारी और जिले प्रोत्साहित होते हैं। आने वाले समय में यह पुरस्कार 8 अलग-अलग श्रेणियों में दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह है कि अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं बिना भटके पहुंचें। अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सेवाएं एक ही जगह मिल रही हैं। ई-प्रगति पोर्टल से योजनाओं की निगरानी और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य में सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन कर योजनाओं के बेहतर समन्वय पर काम किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल और प्रभावी हुई है।
मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्री विभाग में किए गए सुधारों, नई औद्योगिक नीति के तहत मिले निवेश प्रस्तावों और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की भी जानकारी दी। साथ ही शिक्षा विभाग के विद्या समीक्षा केंद्र और पंचायत विभाग की QR कोड आधारित व्यवस्था को सुशासन के सफल उदाहरण बताया।