वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर धमतरी में राष्ट्रभक्ति का महाअभियान, 7 से 15 अगस्त तक होंगे विशेष आयोजन
राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से धमतरी जिले में 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ पर सप्ताहभर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार धमतरी जिले में 7 से 15 अगस्त तक 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तृतीय चरण के तहत विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में जिला पंचायत ने धमतरी, कुरूद, मगरलोड और नगरी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर कार्यक्रमों का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्धारित कार्यक्रमों के तहत जिले के शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर 'वंदे मातरम्' के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर आधारित विविध आयोजन किए जाएंगे। इनमें प्रभात फेरियां, सामूहिक वंदे मातरम् गायन, देशभक्ति गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, संगोष्ठियां, व्याख्यानमालाएं, निबंध, भाषण, चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिताएं, राष्ट्रभक्ति विषयक प्रदर्शनियां, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहेंगे। साथ ही स्थानीय लोक संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
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इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों तथा समाज के सभी वर्गों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों, स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान एवं जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही नागरिकों में कर्तव्यबोध, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की भावना को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कहा कि 'वंदे मातरम्' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना, राष्ट्रीय अस्मिता और आत्मगौरव का अमर प्रतीक है। इसकी 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्र निर्माण के आदर्शों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगे।
उन्होंने बताया कि जिले की सभी जनपद एवं ग्राम पंचायतों में शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय से इन आयोजनों को सफल बनाएंगे, ताकि "हर घर राष्ट्रभक्ति, हर मन वंदे मातरम्" का संदेश जन-जन तक पहुंचे और आजादी के अमृतकाल में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता की भावना और अधिक सशक्त हो सके।