{"_id":"6a632479554614a0f2069dc4","slug":"fir-gorella-pendra-marwahi-news-c-1-1-noi1501-4536302-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"GPM News: दहेज की मांग ने उजाड़ी शादीशुदा जिंदगी, विवाहिता ने पति समेत 4 ससुरालियों पर दर्ज कराया केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
GPM News: दहेज की मांग ने उजाड़ी शादीशुदा जिंदगी, विवाहिता ने पति समेत 4 ससुरालियों पर दर्ज कराया केस
Fri, 24 Jul 2026 06:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 06:51 PM IST
सार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एक विवाहिता ने पति, सास, ससुर और ननद पर 10 लाख रुपये और कार की दहेज मांगने, मारपीट व मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
दहेज में 10 लाख रुपये व कार की मांग fir दर्ज।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला थाना क्षेत्र निवासी एक विवाहिता ने अपने पति, सास, ससुर और ननद पर दहेज की मांग को लेकर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महिला ने गौरेला थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है, जिसमें विवाह के बाद से लगातार प्रताड़ना झेलने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुट गई है।।
पीड़िता माधुरी शुक्ला ने बताया कि उनका विवाह 11 जुलाई 2024 को रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर बंगलापारा निवासी विकास शुक्ला के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। आरोप है कि विवाह के करीब 15 दिन बाद से ही पति विकास शुक्ला, सास राजेश्वरी शुक्ला, ससुर सूर्यबली शुक्ला तथा ननद साक्षी शुक्ला घरेलू बातों को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इसके साथ ही दहेज में 10 लाख रुपये नकद और एक कार लाने का दबाव बनाया गया। मांग पूरी नहीं करने पर गाली-गलौज, मारपीट और मायके चले जाने की धमकी दी जाती थी।
महिला ने आवेदन में उल्लेख किया है कि गर्भावस्था के दौरान भी उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं कराया गया और स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उससे घरेलू काम कराया जाता रहा। बाद में चिकित्सकीय जांच में गर्भस्थ शिशु डाउन सिंड्रोम से प्रभावित पाया गया, जिसके चलते 24 अगस्त 2025 को चिकित्सकीय सलाह पर गर्भपात कराना पड़ा। महिला का कहना है कि लगातार मानसिक तनाव और उपेक्षा के कारण उसकी शारीरिक व मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
विज्ञापन
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके मायके आने के बाद ससुराल पक्ष ने उसे वापस ले जाने में रुचि नहीं दिखाई। बाद में परिवार के समझाने पर वह फिर ससुराल गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर प्रताड़ना शुरू हो गई। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके सोने-चांदी के जेवर, नकद राशि, कपड़े और अन्य कीमती सामान ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिए। साथ ही पति की दूसरी शादी कराने की धमकी भी दी जाती रही।
महिला के अनुसार, वह 1 फरवरी 2026 से अपने मायके गौरेला में रह रही है। 4 अप्रैल तथा 6 जुलाई 2026 को परिवार के साथ समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन ससुराल पक्ष ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए घर से भगा दिया और दहेज की मांग दोहराई। पीड़िता ने बताया कि उसने पहले महिला परामर्श केंद्र में भी शिकायत की थी, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर अब पुलिस से पति विकास शुक्ला, सास राजेश्वरी शुक्ला, ससुर सूर्यबली शुक्ला और ननद साक्षी शुक्ला के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गौरेला पुलिस ने पीड़िता के आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई किये जाने की बात कही है।
विज्ञापन
पीड़िता माधुरी शुक्ला ने बताया कि उनका विवाह 11 जुलाई 2024 को रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर बंगलापारा निवासी विकास शुक्ला के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था। आरोप है कि विवाह के करीब 15 दिन बाद से ही पति विकास शुक्ला, सास राजेश्वरी शुक्ला, ससुर सूर्यबली शुक्ला तथा ननद साक्षी शुक्ला घरेलू बातों को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इसके साथ ही दहेज में 10 लाख रुपये नकद और एक कार लाने का दबाव बनाया गया। मांग पूरी नहीं करने पर गाली-गलौज, मारपीट और मायके चले जाने की धमकी दी जाती थी।
विज्ञापन
महिला ने आवेदन में उल्लेख किया है कि गर्भावस्था के दौरान भी उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं कराया गया और स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उससे घरेलू काम कराया जाता रहा। बाद में चिकित्सकीय जांच में गर्भस्थ शिशु डाउन सिंड्रोम से प्रभावित पाया गया, जिसके चलते 24 अगस्त 2025 को चिकित्सकीय सलाह पर गर्भपात कराना पड़ा। महिला का कहना है कि लगातार मानसिक तनाव और उपेक्षा के कारण उसकी शारीरिक व मानसिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा।
विज्ञापन
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके मायके आने के बाद ससुराल पक्ष ने उसे वापस ले जाने में रुचि नहीं दिखाई। बाद में परिवार के समझाने पर वह फिर ससुराल गई, लेकिन कुछ समय बाद फिर प्रताड़ना शुरू हो गई। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके सोने-चांदी के जेवर, नकद राशि, कपड़े और अन्य कीमती सामान ससुराल पक्ष ने अपने पास रख लिए। साथ ही पति की दूसरी शादी कराने की धमकी भी दी जाती रही।
महिला के अनुसार, वह 1 फरवरी 2026 से अपने मायके गौरेला में रह रही है। 4 अप्रैल तथा 6 जुलाई 2026 को परिवार के साथ समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन ससुराल पक्ष ने कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए घर से भगा दिया और दहेज की मांग दोहराई। पीड़िता ने बताया कि उसने पहले महिला परामर्श केंद्र में भी शिकायत की थी, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर अब पुलिस से पति विकास शुक्ला, सास राजेश्वरी शुक्ला, ससुर सूर्यबली शुक्ला और ननद साक्षी शुक्ला के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गौरेला पुलिस ने पीड़िता के आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई किये जाने की बात कही है।