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चैतू उर्फ श्याम दादा ने साथियों संग किया सरेंडर: कॉलेज के समय माओवादियों के संपर्क में आया, 65 लाख का था इनाम

अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 28 Nov 2025 06:04 PM IST
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सार

नक्सलियों में लगातार चल रही आपसी कलह के चलते नक्सलियों को अब बंदूक की जगह शांति नजर आ रही है। जहाँ कल तक उनके साथ बंदूक लेकर जंगलों की खाक छाना करते थे, अब वे इस दुनिया की रंगीन रंगों को देखने के लिए मुख्य धारा में जुड़ने लगे है।

10 Naxalites surrender again lay down their arms before Bastar IG in Jagdalpur
नक्सलियों ने किया सरेंडर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नक्सलियों में लगातार चल रही आपसी कलह के चलते नक्सलियों को अब बंदूक की जगह शांति नजर आ रही है। जहाँ कल तक उनके साथ बंदूक लेकर जंगलों की खाक छाना करते थे, अब वे इस दुनिया की रंगीन रंगों को देखने के लिए मुख्य धारा में जुड़ने लगे है। जिसका सबसे बड़ा कारण है कि शुक्रवार की शाम को डीकेएसजेडसी सदस्य ने अपने 9 साथियों के साथ लाल गलियारे को त्याग करते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया गया।

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बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि लगातार नक्सली की टीम बिखरती जा रही है, नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर नक्सली अब धीरे-धीरे जागरूक होते जा रहे है, और अपने साथियों को टूटते संगठन से हटकर समर्पण करने की बात कही जा रही है। इसी का परिणाम था कि शुक्रवार को डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा के साथ ही उनके 9 साथियों ने बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी, बस्तर एसपी शलभ सिन्हा, जिला प्रशासन, केंद्रीय सुरक्षा बल के अफसरों के साथ ही अन्य के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

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कॉलेज के समय नक्सलियों के संपर्क में आया था चैतू दादा 
नक्सलियों के दरभा डिवीजन में कई वर्षों तक उनके साथ काम करने के साथ ही उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाला चैतू उर्फ श्याम दादा ने शुक्रवार को बस्तर रेंज आईजी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस समर्पण के साथ ही दरभा डिवीजन और भी कमजोर हो गई है। चैतू दादा उर्फ श्याम ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि कॉलेज के दिनों में ही वे नक्सलियों के मेडिकल टीम के संपर्क में आया। वर्ष 1985 में ही भूमिगत हो गया। वहीं काम करने के साथ ही लगातार रूपेश व सोनू के विचार से सहमत होकर मुख्यधारा में लौट आया। 


सरेंडर करने वाले नक्सलियों के नाम
चैतू उर्फ श्याम दादा डीकेएसजेडसी सदस्य
सरोज उर्फ मलकु सोढ़ी डीवीसीएम
भूपेश उर्फ सनक राम फुरामी एसीएम
कमलेश उर्फ झितरु यादव एसीएम
प्रकाश उर्फ फिल साय सलाम एसीएम
जन्नी उर्फ रायमती सलाम एसीएम
संतोष उर्फ सन्नू आँचला एसीएम
नवीन उर्फ भाजू सलाम एसीएम
रमशीला उर्फ बुकली सलाम एसीएम
जयति उर्फ मनाई कश्यप पीएम

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