सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jagdalpur News ›   Picture breaking social conventions in Rajnandgaon Four daughters performed the last rites of their mother in

राजनांदगांव में सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ती तस्वीर: ग्राम पनेका में चार बेटियों ने किया मां का अंतिम संस्कार

अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 27 Dec 2025 04:51 PM IST
विज्ञापन
सार

राजनांदगांव जिले में बौद्ध समाज की समतामूलक सोच और मानवीय मूल्यों को साकार करता एक प्रेरणादायक दृश्य जिले के ग्राम पनेका में देखने को मिला जहाँ सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए बेटियों ने अपनी मां को अंतिम विदाई दी।

Picture breaking social conventions in Rajnandgaon Four daughters performed the last rites of their mother in
बेटियों ने किया मां का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजनांदगांव जिले में बौद्ध समाज की समतामूलक सोच और मानवीय मूल्यों को साकार करता एक प्रेरणादायक दृश्य जिले के ग्राम पनेका में देखने को मिला जहाँ सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए बेटियों ने अपनी मां को अंतिम विदाई दी। दिवंगत माता देवला नोन्हारे (उम्र लगभग 73 वर्ष) की अंत्येष्टि संस्कार में उनकी चारों पुत्रियों ने मिलकर मुखाग्नि देकर समाज को नई दिशा देने वाला संदेश दिया।

Trending Videos


दिवंगत माता देवला नोन्हारे के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी चार पुत्रियां आशा,सुमन,अनिता एवं कुमारी सरिता नोन्हारे ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि दी। यह दृश्य न केवल भावुक था बल्कि मातृभक्ति,साहस और कर्तव्यबोध का जीवंत प्रतीक भी बना।यह आयोजन बौद्ध धम्म की उस मूल भावना को दर्शाता है जिसमें नर-नारी समानता, करुणा, सम्मान और न्याय को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। बौद्ध समाज में बेटा-बेटी के भेदभाव को नकारते हुए यह कार्य सामाजिक चेतना को मजबूत करने वाला साबित हुआ।अंत्येष्टि के दौरान उपस्थित समाज के लोगों ने इस पहल को गर्व,सम्मान और श्रद्धा के साथ देखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


समाजजनों का कहना था कि बेटियों द्वारा किया गया यह कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत प्रेरणा बनेगा और समाज में समानता की सोच को और बल देगा।इस अवसर पर यह स्पष्ट हुआ कि बदलते समय में बेटियां हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी और सामर्थ्य का प्रमाण दे रही हैं।यह घटना समाज में व्याप्त रूढ़ मान्यताओं को तोड़ते हुए समान अधिकार और कर्तव्य की भावना को मजबूत करती है।इस प्रेरणादायक घटना की जानकारी बौद्ध कल्याण समिति के अध्यक्ष बुद्ध प्रकाश गायकवाड द्वारा दी गई।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्य बौद्ध समाज की प्रगतिशील सोच और मानवतावादी मूल्यों को दर्शाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed