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CG: दिव्यांग भाई, बूढ़ी मां, पत्नी और मासूम बच्चे वाले घर के अकेले कमाने वाला था दीपक, आतंकी हमले में गई जान
Sat, 01 Aug 2026 02:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जांजगीर चाम्पा
अमर उजाला नेटवर्क, जांजगीर चाम्पा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:20 PM IST
सार
24 साल के दीपक रात्रे, एक दिव्यांग भाई, एक बूढ़ी मां, पत्नी और चार महीने के बच्चे वाले घर के अकेले कमाने वाले थे। कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में दीपक की जान चली गई।
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मृतक युवक दीपक रात्रे की फोटो।
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान सक्ती जिले के बुंदेली गांव निवासी दीपक रात्रे के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि दीपक रात्रे बचपन से ही अपने मामा के घर हरदीडीह (जैजैपुर) में रहकर पढ़ाई-लिखाई कर रहा था। उसकी शादी भी मामा के घर से ही हुई थी। 24 साल के दीपक रात्रे, एक दिव्यांग भाई, एक बूढ़ी मां, पत्नी और चार महीने के बच्चे वाले घर के अकेले कमाने वाले थे। उनके चाचा हलधर रात्रे ने बताया कि वे शक्ति ज़िले के बुंदेली गांव में अपने पीछे एक दुखी परिवार छोड़ गए हैं।
उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ करीब सात-आठ महीने पहले एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे, ताकि बेहतर भविष्य की उम्मीद कर सकें। उन्होंने बताया कि दीपक के पिता की पहले ही मौत हो गई थी। उसका छोटा भाई दिव्यांग है। उसकी मां और भाई अब बहुत दुखी हैं। उनके जाने के बाद, परिवार में रोजी-रोटी कमाने वाला कोई नहीं बचा है। हलधर ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से बात की है, जो दीपक के पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव वापस लाने की कोशिश कर रहा है।
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आतंकी हमले में दीपक की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात घटना की जानकारी मिलने पर सक्ती पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम को मृतक के परिजनों के घर भेजा गया, जहां परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दी गई। जैसे ही दीपक की मौत की खबर बुंदेली गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है।
फिलहाल प्रशासन मृतक के पार्थिव शरीर को सक्ती लाने की प्रक्रिया और शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय में जुटा हुआ है। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने मौतों पर दुख जताया और "कायरतापूर्ण आतंकी हमले" में दो मज़दूरों की हत्या को बहुत दर्दनाक बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए गए हैं और भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार दुखी परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है और हर मुमकिन मदद करेगी।
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बताया जा रहा है कि दीपक रात्रे बचपन से ही अपने मामा के घर हरदीडीह (जैजैपुर) में रहकर पढ़ाई-लिखाई कर रहा था। उसकी शादी भी मामा के घर से ही हुई थी। 24 साल के दीपक रात्रे, एक दिव्यांग भाई, एक बूढ़ी मां, पत्नी और चार महीने के बच्चे वाले घर के अकेले कमाने वाले थे। उनके चाचा हलधर रात्रे ने बताया कि वे शक्ति ज़िले के बुंदेली गांव में अपने पीछे एक दुखी परिवार छोड़ गए हैं।
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उन्होंने कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ करीब सात-आठ महीने पहले एक ईंट भट्टे पर काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे, ताकि बेहतर भविष्य की उम्मीद कर सकें। उन्होंने बताया कि दीपक के पिता की पहले ही मौत हो गई थी। उसका छोटा भाई दिव्यांग है। उसकी मां और भाई अब बहुत दुखी हैं। उनके जाने के बाद, परिवार में रोजी-रोटी कमाने वाला कोई नहीं बचा है। हलधर ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से बात की है, जो दीपक के पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव वापस लाने की कोशिश कर रहा है।
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आतंकी हमले में दीपक की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात घटना की जानकारी मिलने पर सक्ती पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम को मृतक के परिजनों के घर भेजा गया, जहां परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी दी गई। जैसे ही दीपक की मौत की खबर बुंदेली गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है।
फिलहाल प्रशासन मृतक के पार्थिव शरीर को सक्ती लाने की प्रक्रिया और शासन स्तर पर आवश्यक समन्वय में जुटा हुआ है। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने मौतों पर दुख जताया और "कायरतापूर्ण आतंकी हमले" में दो मज़दूरों की हत्या को बहुत दर्दनाक बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए गए हैं और भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार दुखी परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है और हर मुमकिन मदद करेगी।