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CG News: नक्सलियों का कहर, कथित जनअदालत में आदिवासी युवक की हत्या; सरपंच को दी धमकी
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 19 Aug 2025 07:41 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में कांकेर के बिनागुंडा गांव में माओवादियों ने आदिवासी युवक मनेश नुरुटी को पुलिस का मुखबिर बताकर कथित जनअदालत में मार डाला। नक्सलियों ने थाना प्रभारी पर गोपनीय सैनिक बनवाने का आरोप लगाया है। वहीं सरपंच सहित अन्य को धमकी दी गई है।
आदिवासी युवक की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के परतापुर एरिया कमेटी ने एक आदिवासी युवकको पुलिस का मुखबिर बताकर मार डाला है। छोटेबेठिया थाना इलाके के बिनागुंडा गांव में सोमवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने कथित जन अदालत में आदिवासी युवा मनेश नुरुटी को मौत की सजा सुनाई और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
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बताया जा रहा है कि बिनागुंडा गांव के मनेश नुरुटी पर नक्सलियों ने पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया। उसे सोमवार की रात उसके घर से उठाकर गांव के बीच ले गए। जहाँ ग्रामीणों को मीटिंग के नाम पर पहले से ही इकट्ठा किया गया था। इस कथित जनअदालत में माओवादियों ने दो आदिवासी युवकों की पिटाई की। उन पर पुलिस को जानकारी देने और माओवादी गतिविधियों के बारे में सूचना देने का आऱोप लगाया। उसके बाद माओवादियों ने मनेश नुरुटी को मौत के घाट उतार दिया। नक्सलियों ने परतापुर थाना इलाके में बैनर लगाकर यह जानकारी दी है।
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माओवादियों की परतापुर एरिया कमेटी ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए पखांजूर थाना के प्रभारी लक्षण केंवट और अन्य पुलिस आधिकारियों पर आदिवासियों को गोपनिय सैनिक के रूप में काम कराने का आरोप लगाया है।
इसके साथ ही नक्सलियों ने कोंगे पंचायत के सरपंच रामजी धुर्वा, डीआरजी के जोयो, बुद्धु, आयतू, टुब्बा कोरेटी, धनी और अर्जून ताती को चेतावनी देते हुए उन्हें मौत की सजा देने की धमकी दी है।
बिनागुंडा गांव में खेती किसानी कर जीवन यापन करने वाला मनेश नुरुटी पुलिस की हिंसा और माओवादियों की हिंसा दोनों से परेशान था। और कुछ दिनों से वह गांव से बाहर रह रहा था। उसकी हत्या से ग्रामीण डरे सहमें है। मनेश नुरुटी अपने गांव की मूलभूत समस्याओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता था।