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कोरबा फैक्ट्री हादसा: मशीन में दबकर महिला मजदूर की मौत, चार घंटे प्रदर्शन के बाद बनी सहमति
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 10:37 PM IST
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सार
कोरबा की राखड़ ईंट फैक्ट्री में मशीन साफ करते समय महिला मजदूर की दबकर मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर चार घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रशासन और फैक्ट्री संचालक की सहमति के बाद शव उठाया गया।
कोरबा में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा में सोमवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गोढ़ी स्थित प्रेम एंटरप्राइजेज राखड़ ईंट फैक्ट्री में एक दर्दनाक हादसा हो गया। मशीन की सफाई के दौरान एक महिला मजदूर की मशीन में दबने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और मजदूरों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और उचित मुआवजे की मांग को लेकर फैक्ट्री में चार घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया।
प्रत्यक्षदर्शी धसनिन बाई ने बताया कि घटना दोपहर करीब तीन से चार बजे के बीच हुई। फैक्ट्री में चार से पांच मजदूर काम कर रहे थे। मृतका भी लंबे समय बाद उसी दिन काम पर लौटी थी। मशीन चालू हालत में साफ करते समय अचानक लीवर नीचे गिर गया और महिला उसकी चपेट में आ गई। मशीन में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतका के पति और एक नाबालिग बेटा अयांश है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गोढ़ी गांव में मातम का माहौल है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। मांग थी कि मृतका के परिवार को उचित मुआवजा और नाबालिग बेटे के भविष्य की गारंटी दी जाए। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। मामला बढ़ता देख रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया और स्थानीय जनप्रतिनिधि अरविंद भगत को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद फैक्ट्री संचालक प्रदीप अग्रवाल, ग्रामीणों और पुलिस के बीच वार्ता हुई। इसमें तय हुआ कि तात्कालिक सहायता के तौर पर 75 हजार रुपये नगद दिए जाएंगे। साथ ही दो लाख रुपये मृतका के पुत्र अयांश के नाम पर एफडी कराए जाएंगे। इसके अलावा 18 साल की उम्र तक बेटे को प्रतिमाह 1500 रुपये भरण-पोषण के लिए और बालिग होने पर फैक्ट्री में नौकरी देने पर सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव उठाने दिया।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मर्ग कायम कर लिया गया है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस हादसे ने फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। चालू मशीन की सफाई करना और बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। श्रम विभाग भी मामले की जांच करेगा।
प्रत्यक्षदर्शी धसनिन बाई ने बताया कि घटना दोपहर करीब तीन से चार बजे के बीच हुई। फैक्ट्री में चार से पांच मजदूर काम कर रहे थे। मृतका भी लंबे समय बाद उसी दिन काम पर लौटी थी। मशीन चालू हालत में साफ करते समय अचानक लीवर नीचे गिर गया और महिला उसकी चपेट में आ गई। मशीन में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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मृतका के पति और एक नाबालिग बेटा अयांश है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गोढ़ी गांव में मातम का माहौल है। हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव उठाने से मना कर दिया। मांग थी कि मृतका के परिवार को उचित मुआवजा और नाबालिग बेटे के भविष्य की गारंटी दी जाए। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। मामला बढ़ता देख रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया और स्थानीय जनप्रतिनिधि अरविंद भगत को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद फैक्ट्री संचालक प्रदीप अग्रवाल, ग्रामीणों और पुलिस के बीच वार्ता हुई। इसमें तय हुआ कि तात्कालिक सहायता के तौर पर 75 हजार रुपये नगद दिए जाएंगे। साथ ही दो लाख रुपये मृतका के पुत्र अयांश के नाम पर एफडी कराए जाएंगे। इसके अलावा 18 साल की उम्र तक बेटे को प्रतिमाह 1500 रुपये भरण-पोषण के लिए और बालिग होने पर फैक्ट्री में नौकरी देने पर सहमति बनी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव उठाने दिया।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। मर्ग कायम कर लिया गया है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस हादसे ने फैक्ट्री में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। चालू मशीन की सफाई करना और बिना सुरक्षा उपकरणों के काम कराना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। श्रम विभाग भी मामले की जांच करेगा।


