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CG News: छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ बड़ा कदम, प्रदेश के पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोलने का फैसला

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 18 Jun 2026 06:41 PM IST
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सार

छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सरकार ने अहम पहल करते हुए पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।

Major step against drug abuse in Chhattisgarh, decision to open five new de-addiction centres in the state
छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

छत्तीसगढ़ में नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सरकार ने अहम पहल करते हुए पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में अभियान की प्रगति, पुनर्वास सेवाओं और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।


बैठक में नशापीड़ित लोगों के उपचार और पुनर्वास को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। वर्तमान में संचालित 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव भी सामने आया। साथ ही जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां नई सुविधाएं शुरू करने की दिशा में कार्रवाई तेज करने पर सहमति बनी।
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इसके तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा जिलों में नए नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी उपचार और परामर्श सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
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बैठक में भारत माता वाहिनी योजना के विस्तार पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि प्रत्येक विकासखंड की एक हजार से अधिक आबादी वाली नई ग्राम पंचायतों में इस योजना के तहत समितियों का गठन किया जाए, ताकि गांव स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाई जा सके।

नशामुक्ति केंद्रों की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे और बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लगाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, मानव संसाधन की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक संगठनों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही सफल हो सकती है। जनजागरूकता, बेहतर पुनर्वास सेवाओं और प्रभावी मॉनिटरिंग के जरिए नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।
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