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सीजी: व्हाट्सएप लिंक से जोड़ता था सट्टेबाज, एजेंटों को देता था कमीशन; बिग डैडी गेम का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Wed, 04 Nov 2026 07:40 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 04 Nov 2026 07:40 PM IST
सार

जांजगीर-चांपा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा एप बिग डैडी गेम के अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड किरण महादु साल्वे को पुणे से गिरफ्तार किया है। गिरोह टेलीग्राम, व्हाट्सएप और क्रिप्टोकरेंसी से सट्टा संचालित करता था। आरोपी के खाते में जमा डेढ़ लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं।

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अपराध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जांजगीर-चांपा पुलिस की साइबर टीम ने ऑनलाइन सट्टा एप 'बीडीजी' (BDG) यानी बिग डैडी गेम के अंतरराज्यीय नेटवर्क के मास्टरमाइंड किरण महादु साल्वे को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया। इस मामले में पुलिस छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के बैंक खाते में जमा करीब डेढ़ लाख रुपये की रकम भी फ्रीज करा दी है। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

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साइबर थाना जांजगीर को सूचना मिली थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक सड़क क्षेत्र निवासी हेमलाल यादव अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान हेमलाल यादव ने 'बीडीजी बिग डैडी गेम' नामक ऑनलाइन सट्टा एप और उसके बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि शैलेंद्र कुमार शर्मा ने उसे इस एप की गेम आईडी उपलब्ध कराई थी।

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नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर फैला था गिरोह
तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल यादव के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने शैलेंद्र कुमार शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शैलेंद्र ने बताया कि वह बीडीजी ऑनलाइन सट्टा एप की मास्टर आईडी और सट्टे की लिंक व्हाट्सएप के माध्यम से अपने अन्य सहयोगियों तक पहुंचाता था। पुलिस के अनुसार, यह पूरा अवैध नेटवर्क नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर काम करता था।

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व्हाट्सएप लिंक से जोड़ते थे नए लोग
इस व्यवस्था में व्हाट्सएप लिंक के जरिये नए लोगों को सट्टा एप से जोड़ा जाता था। नए उपयोगकर्ताओं के सट्टे में रकम लगाने पर नेटवर्क के ऊपरी स्तर पर मौजूद एडमिन को कमीशन मिलता था। आरोपी शैलेंद्र शर्मा की निशानदेही पर पुलिस ने उसके चार अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। इस तरह मामले में कुल छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे।

क्रिप्टोकरेंसी और टेलीग्राम से होता था लेन-देन
पूछताछ के दौरान शैलेंद्र शर्मा ने पुलिस को बताया कि पुणे निवासी किरण साल्वे ने टेलीग्राम पर 'ईगल बीडीजी गेम' नाम से एक चैनल बनाया था। इसी चैनल के जरिये उसने शैलेंद्र शर्मा को जांजगीर जिले का प्रमुख एडमिन बनाया था। पुलिस के अनुसार, इस सट्टा गिरोह में वित्तीय लेन-देन मोबाइल एप, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किया जाता था।

कमीशन के आधार पर चलता था सट्टे का कारोबार
जांजगीर जिले के सट्टेबाजों की ओर से एप में जमा कराई गई रकम के आधार पर मुख्य आरोपी किरण साल्वे को कमीशन मिलता था। वहीं, सट्टे की रकम जमा कराने से जुड़े लेन-देन पर शैलेंद्र शर्मा को भी कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप चैट के साथ बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर किरण साल्वे को मामले में आरोपी बनाया गया और पुणे से गिरफ्तार किया गया।

मास्टरमाइंड के खिलाफ इन धाराओं में केस
गिरफ्तार आरोपी की पहचान किरण महादु साल्वे, पिता अलमता साल्वे, निवासी दत्ता नगर, थाना दौड़, जिला पुणे, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके बैंक खाते में जमा रकम को फ्रीज कराने की विधिक कार्रवाई की है। मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

छह आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) योगिता बाली खापर्डे ने बताया कि अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड किरण साल्वे को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बिग डैडी ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म के जरिये सट्टा खिलवाता था और एजेंटों के माध्यम से इसका संचालन कर उन्हें मुनाफे का हिस्सा देता था। सीएसपी ने बताया कि आरोपी के बैंक खाते में करीब डेढ़ लाख रुपये मिले हैं, जिन्हें फ्रीज करा दिया गया है। मामले में छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

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