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बीमा मैच्योरिटी के नाम पर करोड़ों की ठगी: रायपुर पुलिस के शिकंजे में दिल्ली-एनसीआर का फर्जी कॉल सेंटर गिरोह
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 20 Mar 2026 05:57 PM IST
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सार
राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी।
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जहां बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी। मुजगहन थाना क्षेत्र के एक पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में संचालित फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया और गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नोएडा के गौर सिटी मॉल में कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को फोन करते थे। वे खुद को बैंक या बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर पीड़ितों को झांसे में लेते थे। बातचीत के दौरान महिला आवाज का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराए जाते थे।
मुजगहन निवासी एक व्यक्ति से आरोपियों ने करीब 9.60 लाख रुपये की ठगी की। जब उसे शक हुआ और उसने बैंक में दस्तावेजों की जांच कराई, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
दिल्ली में दबिश देकर गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह के रूप में हुई है। इनके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पिछले कई महीनों से इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए देशभर में लोगों को निशाना बना रहे थे। बीमा मैच्योरिटी और लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की बात भी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नोएडा के गौर सिटी मॉल में कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को फोन करते थे। वे खुद को बैंक या बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर पीड़ितों को झांसे में लेते थे। बातचीत के दौरान महिला आवाज का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश की जाती थी। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराए जाते थे।
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मुजगहन निवासी एक व्यक्ति से आरोपियों ने करीब 9.60 लाख रुपये की ठगी की। जब उसे शक हुआ और उसने बैंक में दस्तावेजों की जांच कराई, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
दिल्ली में दबिश देकर गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह के रूप में हुई है। इनके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे पिछले कई महीनों से इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए देशभर में लोगों को निशाना बना रहे थे। बीमा मैच्योरिटी और लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की बात भी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।