जगदलपुर: इंदिरा वार्ड क्रमांक-16 में कांग्रेस को मिली जीत, भाजपा प्रत्याशी को 436 वोटों से हराया
जगदलपुर शहर के इंदिरा वार्ड क्रमांक-16 में 3 दिन पहले उपचुनाव हुआ था। जहां 4 जून की सुबह दोनों प्रत्याशी अपनी किस्मत को जानने पहुँचे। जहाँ कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए भाजपा प्रत्याशी को 436 वोटों से करारी शिकस्त दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जगदलपुर शहर के इंदिरा वार्ड क्रमांक-16 में 3 दिन पहले उपचुनाव हुआ था। जहां 4 जून की सुबह दोनों प्रत्याशी अपनी किस्मत को जानने पहुँचे। जहाँ कांग्रेस ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए भाजपा प्रत्याशी को 436 वोटों से करारी शिकस्त दी है। इस जीत के साथ कांग्रेस ने वर्षों से कायम अपने सीट को सुरक्षित रखा।
यह उपचुनाव पूर्व पार्षद अब्दुल रशीद के निधन के बाद हुआ। करीब 23 वर्षों तक इस वार्ड में कांग्रेस का दबदबा कायम रहा, जिसे इस बार भी पार्टी ने बरकरार रखा। अब्दुल रशीद के करीबी रहे रामकृष्ण तिवारी ने इस विरासत को संभालते हुए जीत दर्ज की। चुनाव मुकाबला तिवारी बनाम तिवारी के रूप में चर्चित रहा, जहां कांग्रेस के रामकृष्ण (मुन्नू) तिवारी ने भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को स्पष्ट अंतर से पराजित किया। वार्ड में कुल 1542 मतदाताओं में से 1229 ने मतदान किया, जिससे मतदान प्रतिशत 79.7% रहा। बूथ क्रमांक 1 में 666 और बूथ क्रमांक 2 में 563 वोट डाले गए।
बूथ 1 – कांग्रेस: 483, भाजपा: 157, आप: 18, नोटा: 5
बूथ 2 – कांग्रेस: 331, भाजपा: 221, आप: 4, नोटा: 4
कुल मतों की बात करें तो कांग्रेस के मुन्नू तिवारी को 814 वोट मिले, जबकि भाजपा के मनोहर दत्त तिवारी को 378 वोट प्राप्त हुए। इस तरह कांग्रेस ने 436 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।इस चुनाव को विकास बनाम परंपरा की जंग के तौर पर देखा गया, जिसमें कांग्रेस ने एक बार फिर परंपरा को कायम रखते हुए जीत अपने नाम की। जीत के बाद कांग्रेसियो ने बाइक रैली निकालने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी मिथलेश स्वर्णकार से मिलने पहुँचे। जहाँ उनका आशीर्वाद लेने के बाद माँ दंतेश्वरी मंदिर पहुँच माँ का आशीर्वाद लिया गया। वही वार्डवासियों के द्वारा जताए गए भरोसे पर पूर्णरूप से खरा उतरने की बात कहते हुए वार्ड के लिए 24 घंटे सेवा देने की बाद भी कही गई।

जीत के बाद पहुँचे माँ दंतेश्वरी मंदिर