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'शराब दुकान बंद न हो, यहीं खुलनी चाहिए': राजनांदगांव के दो गांवों में ग्रामीणों का प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा
अमर उजाला नेटवर्क, राजनांदगांव
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 05:33 PM IST
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सार
राजनांदगांव जिले में शराब दुकान को लेकर अनोखा मामला सामने आया है। शराब की दुकान खोलने की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। शराब दुकान अपने गांव में बनाए रखने या खोलने की अपील की।
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विस्तार
जिले के दो अलग-अलग गांवों के ग्रामीण मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वे शराब दुकानों से संबंधित अपनी मांगों को लेकर भारी संख्या में आए थे। इसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे, जिन्होंने कलेक्टर को आवेदन दिया।
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राजनांदगांव जिले के नारायणगढ़ और गैंदाटोला गांव में यह अनोखा मामला सामने आया है। नारायणगढ़ के ग्रामीण अपने गांव में अंग्रेजी और देशी शराब भट्टी खुलवाने की मांग कर रहे थे।
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वहीं, गैंदाटोला के ग्रामीण चाहते थे कि उनके गांव में खुली शराब दुकान यथावत वहीं बनी रहे। गैंदाटोला गांव की शराब दुकान दूसरी जगह स्थानांतरित होने वाली है। आबकारी विभाग ने इसके लिए निविदा भी निकाली है। ग्रामीण इस निविदा का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रखी और कार्रवाई की मांग की।

नारायणगढ़ के ग्रामीणों की मांग
नारायणगढ़ के ग्रामीण भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा और अपने गांव में नई शराब भट्टी खोलने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव में अंग्रेजी और देशी शराब की दुकान खुलनी चाहिए। वे चाहते हैं कि प्रशासन उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करे। ग्रामीणों ने अपनी आवश्यकता बताते हुए प्रशासन से इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया।

गैंदाटोला के ग्रामीणों का विरोध
गैंदाटोला के ग्रामीण भी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर को एक आवेदन दिया और मांग की कि उनके गांव में खुली शराब दुकान वहीं यथावत बनी रहे। यह दुकान दूसरी जगह स्थानांतरित होने वाली थी, जिसका ग्रामीण पुरजोर विरोध कर रहे हैं। आबकारी विभाग द्वारा निकाली गई निविदा के खिलाफ ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। वे चाहते हैं कि शराब दुकान उनके ही गांव में बनी रहे और उसे कहीं और न ले जाया जाए। ग्रामीणों ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया।