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BCCI: घरेलू सत्र से पहले प्लेइंग कंडीशंस में हुए बदलाव, गेंदबाज को जानबूझकर नो बॉल करना किस तरह पड़ेगा भारी?

Tue, 21 Jul 2026 07:52 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Tue, 21 Jul 2026 07:52 PM IST
सार

भारतीय क्रिकेट का घरेलू सत्र शुरू होने से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खेल परिस्थितियों में बदलाव किए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर गेंदबाजों पर पड़ेगा। अगर अब कोई गेंदबाज जानबूझकर नो बॉल करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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BCCI has made a significant change to the playing conditions ahead of the 2026-27 domestic season
बीसीसीआई - फोटो : IANS

विस्तार

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने 2026-27 घरेलू सत्र से पहले प्लेइंग कंडीशंस में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं जिसमें जानबूझकर नो बॉल करने वाले गेंदबाज को पूरे मैच से निलंबित करना प्रमुख है। कोई गेंदबाज अगर जानबूझकर फ्रंट-फुट नो-बॉल या ऐसी गेंद फेंकता है जिसमें उसका पैर निर्धारित स्थान पर नहीं पड़ता तो उसे केवल उस पारी से नहीं, बल्कि पूरे मैच के शेष हिस्से से गेंदबाजी करने से निलंबित कर दिया जाएगा। अब तक लागू नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में गेंदबाज को केवल संबंधित पारी से गेंदबाजी करने से रोका जाता था।
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राज्य संघ से साझा किए गए सुझाव
बीसीसीआई ने हाल ही में मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) द्वारा सुझाए गए इन संशोधनों को सभी राज्य क्रिकेट संघों के साथ साझा कर दिया है। बीसीसीआई के परिपत्र के अनुसार, खेल परिस्थितियों के नियम 41.8 में बदलाव के तहत किसी गेंदबाज को पूरे मैच से निलंबित करने का निर्णय मैदान पर मौजूद अंपायर लेंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन दिन के खेल की समाप्ति से जुड़ा है। नए नियम के अनुसार अगर दिन के अंतिम ओवर के दौरान विकेट गिरता है, तब भी वह ओवर पूरा कराया जाएगा। अभी तक अंतिम ओवर के बीच में विकेट गिरने पर उसी समय स्टंप्स घोषित कर दिए जाते थे।

एमसीसी का मानना था कि नियम 12.5.2 के कारण दिन के अंत में नई बल्लेबाज को क्रीज पर आने का अवसर नहीं मिल पाता था। इसी वजह से इसमें संशोधन किया गया है। इसके अलावा अब किसी मैच की अंतिम पारी में कोई भी टीम पारी घोषित या पारी छोड़ने (फॉरफिट) का विकल्प नहीं अपना सकेगी। नियम 15.2 में यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि शासी निकायों का मानना था कि इस प्रावधान का उपयोग बनावटी परिणाम हासिल करने के लिए किया जाता था, जो खेल की भावना के अनुरूप नहीं है।
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ब्रेक के दौरान मैदान पर नहीं आ सकेंगे कोच
वनडे घरेलू मुकाबलों में अब टीम के मुख्य कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर प्रवेश की अनुमति होगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी आईसीसी इसी प्रकार का नियम लागू करने का प्रस्ताव दे चुका है। विकेटकीपरों को भी नए नियमों के तहत कुछ राहत मिली है। अब उन्हें केवल गेंद डाले जाने के क्षण में ही अपने दस्ताने स्टंप्स के पीछे रखने होंगे। पहले गेंदबाज के रनअप शुरू करते ही विकेटकीपर को पूरे समय अपने दस्ताने स्टंप्स के पीछे रखने होते थे। इस नियम के कारण पहले कई बार गेंद को नो-बॉल करार दिया गया या स्टंपिंग अमान्य हो गई थी।

अगले महीने दलीप ट्रॉफी से शुरू होने वाले घरेलू सत्र से पहले राज्य क्रिकेट संघों ने अंपायर और मैच रेफरी को नए नियमों की जानकारी देना शुरू कर दिया है। बोर्ड के एक अधिकारी के अनुसार, मैच अधिकारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे और नियमों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। घरेलू सत्र शुरू होने में अभी लगभग एक महीने का समय है। ऐसे में इन बदलावों को प्रभावी ढंग से लागू करने की पर्याप्त तैयारी की जाएगी।
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