{"_id":"69988384d290c2a48a0cf017","slug":"ind-vs-sa-t20-world-cup-morkel-brothers-albie-and-morne-set-to-match-strategic-wits-during-super-8-clash-2026-02-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IND vs SA: भारत और दक्षिण अफ्रीका मैच में दिखेगा दो भाइयों का रणनीतिक मुकाबला, आमने-सामने होंगे मोर्कल बंधु","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
IND vs SA: भारत और दक्षिण अफ्रीका मैच में दिखेगा दो भाइयों का रणनीतिक मुकाबला, आमने-सामने होंगे मोर्कल बंधु
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 20 Feb 2026 09:23 PM IST
विज्ञापन
सार
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 विश्व कप का मुकाबला सिर्फ दो टीम ही नहीं, बल्कि दो भाइयों के बीच भी होगा। एल्बी मोर्कल और मोर्ने मोर्कल के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने मिलेगी जो क्रिकेट के मैदान पर आमतौर पर कम ही दिखता है।
एल्बी और मोर्ने मोर्कल
- फोटो : IANS
विज्ञापन
विस्तार
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रविवार को अहमदाबाद में टी20 विश्व कप का सुपर आठ मुकाबला खेला जाएगा। क्रिकेट के मैदान पर अक्सर भाइयों की जोड़ी को एक ही जर्सी में पसीना बहाते देखा गया है, चाहे वो स्टीव और मार्क वॉ हों या भारत के पठान और पांड्या ब्रदर्स। लेकिन रविवार को एक ऐसा मंजर दिखेगा जो क्रिकेट इतिहास में विरला ही होता है। वर्षों तक साथ खेलने वाले दो सगे भाई अलग-अलग डगआउट में बैठकर प्रतिद्वंद्वी टीमों के लिए रणनीति बनाते नजर आएंगे और घर पर बैठी उनकी मां इस उलझन में होंगी कि आखिर समर्थन किसे करें।
Trending Videos
भारतीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा हैं मोर्ने मोर्कल
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एल्बी मोर्कल और मोर्ने मोर्कल की भाइयों की जोड़ी इस समय ऐसी ही स्थिति में हैं। एल्बी इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका के विशेष सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि मोर्ने भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले कोचिंग दल में गेंदबाजी कोच की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये दोनों अब एक-दूसरे के खिलाफ माइंड गेम खेलते नजर आएंगे।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज एल्बी मोर्कल और मोर्ने मोर्कल की भाइयों की जोड़ी इस समय ऐसी ही स्थिति में हैं। एल्बी इस टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका के विशेष सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि मोर्ने भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले कोचिंग दल में गेंदबाजी कोच की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये दोनों अब एक-दूसरे के खिलाफ माइंड गेम खेलते नजर आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एल्बी ने हाल ही में मजाकिया अंदाज में कहा था, 'नहीं, हम अभी एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे। हमसे ज्यादा हमारी मां परेशान हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि भारत का समर्थन करें या दक्षिण अफ्रीका का।' ग्रुप चरण में दोनों टीमों ने अपराजित रहते हुए सुपर-आठ में जगह बनाई है। यह सुपर आठ चरण में दोनों टीमों का यह पहला मैच होगा। मोर्ने ने भी स्वीकार किया कि बड़े भाई से उनकी बातचीत ज्यादा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, मैंने उन्हें मैदान पर आते देखा, लेकिन ज्यादा बात नहीं हुई। फिर भी उन्हें देखकर अच्छा लगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दिखे हैं कई उदाहरण
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण रहे हैं जब भाइयों ने साथ खेलकर इतिहास रचा। इस सूची में चैपल बंधु (इयान और ग्रेग), वॉ बंधु (स्टीव और मार्क), अमरनाथ बंधु (मोहिंदर, सुरिंदर और राजिंदर) , पठान बंधु (इरफान और यूसुफ), पांड्या बंधु (हार्दिक और कृणाल), मोहम्मद बंधु (हनीफ, सादिक, मुश्ताक, वजीर) और हेडली बंधु (रिचर्ड और डेल) के नाम शामिल हैं। इसमें कुछ अपवाद भी रहे हैं जब भाइयों ने अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व किया हो। इसमें सैम कुरेन का इंग्लैंड के लिए खेलना और उनके भाई बेन कुरेन का जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व करना शामिल है।
मोर्कल बंधुओं का मामला थोड़ा अलग है। यहां मुकाबला मैदान पर खिलाड़ियों के बीच नहीं, बल्कि रणनीति और दिमाग की जंग का है। क्रिकेट में सगे भाइयों के बीच इस तरह की दिमागी जंग के उदाहरण कम ही देखने को मिले हैं। करियर के लिहाज से मोर्ने का अंतरराष्ट्रीय सफर अधिक लंबा और प्रभावशाली रहा। उन्होंने 86 टेस्ट में 309 विकेट लिए। वहीं एल्बी सीमित ओवरों के विशेषज्ञ रहे और टी20 व वनडे मिलाकर 100 से अधिक मैच खेले। एल्बी के करियर का एक कम चर्चित पहलू यह भी है कि आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के शुरुआती वर्षों में वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे कई प्रेरक उदाहरण रहे हैं जब भाइयों ने साथ खेलकर इतिहास रचा। इस सूची में चैपल बंधु (इयान और ग्रेग), वॉ बंधु (स्टीव और मार्क), अमरनाथ बंधु (मोहिंदर, सुरिंदर और राजिंदर) , पठान बंधु (इरफान और यूसुफ), पांड्या बंधु (हार्दिक और कृणाल), मोहम्मद बंधु (हनीफ, सादिक, मुश्ताक, वजीर) और हेडली बंधु (रिचर्ड और डेल) के नाम शामिल हैं। इसमें कुछ अपवाद भी रहे हैं जब भाइयों ने अलग-अलग टीमों का प्रतिनिधित्व किया हो। इसमें सैम कुरेन का इंग्लैंड के लिए खेलना और उनके भाई बेन कुरेन का जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व करना शामिल है।
मोर्कल बंधुओं का मामला थोड़ा अलग है। यहां मुकाबला मैदान पर खिलाड़ियों के बीच नहीं, बल्कि रणनीति और दिमाग की जंग का है। क्रिकेट में सगे भाइयों के बीच इस तरह की दिमागी जंग के उदाहरण कम ही देखने को मिले हैं। करियर के लिहाज से मोर्ने का अंतरराष्ट्रीय सफर अधिक लंबा और प्रभावशाली रहा। उन्होंने 86 टेस्ट में 309 विकेट लिए। वहीं एल्बी सीमित ओवरों के विशेषज्ञ रहे और टी20 व वनडे मिलाकर 100 से अधिक मैच खेले। एल्बी के करियर का एक कम चर्चित पहलू यह भी है कि आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के शुरुआती वर्षों में वह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भरोसेमंद खिलाड़ी रहे।